Fact Check: ओडिशा में हुए राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के वीडियो को आंध्र प्रदेश का बताकर हो रहा शेयर,पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में शख्स राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करते हुए दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो आंध्र प्रदेश का है। PTI ने इस दावे को गलत पाया है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर 20 सेकंड का एक वीडियो क्लिप तेजी से शेयर हो रहा है, जिसमें एक शख्स को राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर कर यूजर्स दावा कर रहे है कि वायरल वीडियो आंध्रप्रदेश के अनंतपुर का है।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में यह दावा फर्जी साबित हुआ है। जांच में पता चला कि यह वीडियो दो साल पुराना है और वायरल वीडियो आंध्रप्रदेश का नहीं, बल्कि ओडिशा का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने 2 जनवरी 2025 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में डिप्टी रजिस्ट्रार साहब राष्ट्रीय झंडे से टेबल साफ़ करते हुए” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
वहीं एक अन्य यूजर ने 2 जनवरी को ही वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ये अनंतपुर डिप्टी रजिस्ट्रार हैं... शेयर करो जब तक इसकी अकड़ कम न हो जाए, यह सम्भवतः आंध्रप्रदेश का है। एक अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का इस तरह अपमान चिंताजनक है।” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल
दावे की पुष्टि के लिए डेस्क ने वीडियो के 'की-फ्रेम्स' को रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान पीटीआई को ABP न्यूज की हिंदी वेबसाइट पर 3 जनवरी 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में वायरल वीडियो का विजुअल मौजूद था। रिपोर्ट के अनुसार ये वीडियो आंध्र प्रदेश के अनंतपुर का नहीं ओडिशा के सिमली पंचायत का है, जो कि दो 2 साल पुराना है। रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल को आगे बढ़ाने पर पीटीआई को 12 जनवरी, 2023 को ओडिशा टीवी की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार, “वीडियो में दिख रहे शख्स का नाम प्रशांत कुमार स्वैन है, जो ओडिशा में पुरी जिले के गोप प्रखंड अंतर्गत सिमिली पंचायत का कार्यकारी अधिकारी (ईओ) हैं। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशांत कुमार स्वैन ने माफी मांगी थी।
उन्होंने कहा, 'ऑफिस में बहुत से सामान पड़े थे। लेकिन हमने ने जो किया, वह निंदनीय है जिसके लिए मैं माफी चाहता हूं। यह मेरी पहली गलती है, मैं भविष्य में कभी ऐसा नहीं करूंगा।' हालंकि पुलिस ने राष्ट्रीय ध्वज के अपमान निवारण अधिनियम के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
जांच के दौरान पीटीआई को केरला पुलिस के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर 23 जनवरी 2023 को डाला गया एक पोस्ट मिला, जिसके हिंदी अनुवाद के अनुसार, “हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की घटना दिखाई गई है, कई लोगों ने इस वीडियो के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए केरल पुलिस के मेसेंजर पर संदेश भेजे थे।
जांच में यह पता चला कि यह घटना ओडिशा के पुरी जिले के सिमिली पंचायत में हुई थी। पंचायत के कार्यकारी अधिकारी प्रशांत कुमार स्वैन को राष्ट्रीय ध्वज से मोबाइल फोन और मेज की सफाई करते हुए देखा गया था। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।” पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल के अंत में पीटीआई को आंध्र प्रदेश सरकार की फैक्ट-चेकिंग यूनिट का आधिकारिक एक्स पोस्ट मिला, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो अनंतपुर का नहीं, ओडिशा का है। पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल का नतीजा
पीटीआई की अब तक की पड़ताल से यह साफ है कि 2023 के ओडिशा के वीडियो को आंध्रप्रदेश का बताकर यूजर्स गलत दावे के साथ शेयर कर रहे है।
(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)