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Fact Check: बुलडोजर से लड़ते हाथी का पुराना वीडियो हैदराबाद के कांचा गाचीबोवली वन से जोड़कर हो रहा शेयर

Fri, 11 Apr 2025 07:07 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Fri, 11 Apr 2025 07:07 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक हाथी का वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में हाथी को बुलडोजर से लड़ते हुए देखा जा रहा है। साथ ही सूंड पर चोट लगे हुए एक हाथी की फोटो भी शेयर की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो कांचा गाचीबोवली वन क्षेत्र से निकलकर आया है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

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Video of elephant fighting a bulldozer shared as Kancha Gachibowli forest area in Hyderabad
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार (3 अप्रैल) को तेलंगाना सरकार को कांचा गाचीबोवली वन क्षेत्र में खतरनाक वन कटाई गतिविधियों को रोकने का निर्देश दिया। इस बीच एक फोटो और एक वीडियो को सोशल मीडिया पर एडिट करके शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक हाथी बुलडोजर ने लड़ता हुआ नजर आ रहा है। साथ ही एक हाथी की फोटो भी शेयर की गई है, जिसमें इसके सूंड के ऊपर चोट लगी हुई नजर आ रही है। फोटो और वीडियो को एक दूसरे से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि बुलडोजर से लड़ते हुए हाथी के सूंड पर चोर गई जिसका किसी ने उपचार नहीं किया है। 

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दावा किया जा रहा है कि हैदराबाद में कांचा गाचीबोवली वन क्षेत्र को जबरन काटा जा रहा है, जिसके बाद एक हाथी जंगल को बचाने के लिए बुलडोजर से लड़ रहा है। इसी कारण हाथी का सूंड पर चोट भी आ गई है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। पड़ताल में हमें पता चला कि यह दोनों ही विजुअल हैदराबाद से संबंधित नहीं है। इसे हैदराबाद का बताकर गलत दावा किया जा रहा है। 

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 आपको बता दे कि तेलंगाना सरकार ने फरवरी में घोषणा की कि वह हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) से सटे लगभग 400 एकड़ वन भूमि को आईटी पार्क बनाने के लिए नीलाम करने की योजना बना रही है। इस निर्णय के बाद से बड़े पैमाने पर छात्र विरोध प्रदर्शन हुए हैं और अब देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। 
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क्या है दावा 
राकेश पासवान राकेश कुमार नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को 7 अप्रैल 2025 को शेयर करके लिखा “इस मासूम को क्या पता कि इससे हम नहीं जीत सकते है।”

 
पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं। 
 

 इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इस वीडियो से जुड़ी हुई खबर टाइम्स नाउ पर देखने को मिली। इसे 6 फरवरी 2025 को पोस्ट किया गया था। इस खबर के साथ कैप्शन लिखा गया था “पश्चिम बंगाल में 'उकसाने' पर उग्र हाथी ने जेसीबी पर किया हमला - इंटरनेट पर आक्रोश”। यहां से हमें पता चला कि यह मामला पश्चिम बंगाल का है। 

इस खबर को हमने आगे कीवर्ड के माध्यम से सर्च किया। यहां हमें यह खबर कई और मीडिया रिपोर्ट मिली। इस खबर के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। सभी मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि यह मामला पश्चिम बंगाल का है। 
आगे हमने उस हाथी को फोटो को सर्च किया जिसके सूंड पर चोट लगी हुई नजर आ रही थी। इस फोटो को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च करने पर हमें यह फोटो सिंगिता नाम की एक वेबसाइट पर देखने को मिला। सिंगिता अफ्रीका से संबंधित वेबसाइट है। इस फोटो को इस वेबसाइट पर अप्रैल 2021 में पोस्ट किया गया था। इस फोटो को पोस्ट करके बताया गया था कि इस हाथी का नाम रैंडजेकिले है। आगे बताया गया कि वह अनोखी है, क्योंकि उसके माथे पर एक बड़ा छेद है, जहां से वह ज्यादातर सांस लेती है। कहा जाता है कि उसकी असामान्यता जन्म से ही है, हालांकि इसने उसे सामान्य जीवन जीने, बच्चे को पालने और ग्रेटर क्रूगर नेशनल पार्क के कई इलाकों में घूमने से नहीं रोका है। 

 

 

 

पड़ताल का नतीजा

  हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो और फोटो को एडिट करके भ्रामक दावे को साथ शेयर किया जा रहा है। 
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