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Hindi News ›   Fact Check ›   Video of beating accused in police station goes viral as Rajasthan

Fact check: थाने में आरोपियों की पिटाई का वीडियो राजस्थान का बताकर वायरल, जानें वायरल वीडियो की सच्चाई

Sat, 31 Aug 2024 05:35 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 31 Aug 2024 05:35 PM IST
सार

एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस की वेशभूषा में दो लोग कुछ लोगों को एक कमरे में डंडे से पीट रहे हैं। इस वीडियो को राजस्थान का बताकर वायरल किया जा रहा है। 

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Video of beating accused in police station goes viral as Rajasthan
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है दो लोग पुलिस की वर्दी पहने हुए हैं। पुलिस की वर्दी पहने दोनों आदमी 8 लोगों पर बिना रुके एक के बाद एक डंडे बरसाते हुए नजर आ रहे हैं। जिन लोगों को पीटा जा रहा है, वे लोग हाथ जोड़कर पुलिसवालों से रहम की भीख मांग रहे हैं। 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो राजस्थान के भीलवाड़ा मंदिर के सामने गाय की पूंछ काटकर फेंकने वाले 8 लोगों की पुलिस ने बुरी तरह पिटाई की। 

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मनीषी गुर्जर (पायलट का परिवार) (@MonuGurjarPaot1) नाम के एक यूजर ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है “राजस्थान के भीलवाड़ा में 25 अगस्त 24 को गाय की पूंछ काटकर मंदिर के दरवाजे पर फेंकने वाले शांति समुदाय के 8 भटके हुए नौजवानों की मेहमाननवाजी कुछ इस तरह की राजस्थान पुलिस ने खातिरदारी ठीक रही ना ??”

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दीपक नामदेव { मोदी का परिवार } (@deepaknamdev335) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “राजस्थान के भीलवाड़ा में 25 अगस्त  को  गाय की पूंछ काटकर मंदिर के दरवाजे पर फेंकने वाले शांति समुदाय के 8 भटके हुए नौजवानों की मेहमान नवाजी कुछ इस तरह की राजस्थान पुलिस ने खातिरदारी ठीक रही ना ??”

 

 


तुषार राय (@tusharcrai) नाम के एक और एक्स यूजर ने इसी कैप्शन के साथ वीडियो को शेयर किया। 

 


 

 

पड़ताल 
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले गूगल पर वायरल वीडियो के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। गूगल रिजल्ट में हमें इससे संबंधित कुछ पुरानी खबरें मिली। यहां से यह साफ हो गया कि ये वीडियो पुराना है। इन खबरों के मुताबिक, ये घटना उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की थी। इस घटना की पूरी जानकारी लेने के लिए हमने न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ ब्यूरो से संपर्क किया। अमर उजाला ने इस घटना से जुड़ी एक खबर 19 जून, 2022 को प्रकाशित की थी। 

 

इस खबर से हमें पता चला कि ये घटना 10 जून, 2022 को सहारनपुर में हुई हिंसा से जोड़कर उस समय वायरल किया जा रहा था। ये हिंसा नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर दिए विवादित बयान के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद हुई थी। इस वीडियो को देवरिया के सदर विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने उस समय अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया था। उस वक्त पुलिस ने इसकी जांच कराने की बात कही थी। वहीं इस वीडियो को लेकर पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत भी की थी। शिकायत में इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। 

 

पड़ताल की नतीजा

हमारी पड़ताल से ये साफ है कि वायरल हो रहा वीडियो का राजस्थान से कोई संबंध नहीं है। साथ ही यह घटना दो साल पुरानी है।

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