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Fact Check: बांग्लादेश में प्रतीकात्मक विरोध में बाल कटवाने के वीडियो को झूठे दावे के साथ किया जा रहा शेयर

Wed, 24 Dec 2025 08:17 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 24 Dec 2025 08:17 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश में पश्चिमी कपड़े पहनने और दाढ़ी न रखने की वजह से छात्रों के बाल काटे जा रहे हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

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Video of a man cutting his hair in symbolic protest in Bangladesh is being shared with a false claim.
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर इन दिनों बांग्लादेश संबंधित कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसी बीच एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो मेंं एक शख्स दूसरे व्यक्ति का बाल काटते नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश में पश्चिमी कपड़े पहनने या दाढ़ी नहीं रखने वाले छात्रों के बाल काटे जा रहे हैं।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो तीन महीने पुराना है। हमने पाया कि सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने फरीदा परवीन स्मारक कार्यक्रम में प्रतीकात्मक विरोध के रूप में अपने बाल कटवाए थे। 

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क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश में पश्चिमी कपड़े पहनने या दाढ़ी नहीं रखने वाले छात्रों के बाल काटे जा रहे हैं। 

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न्यूज एंड फीचर नेटवर्क (@newsnetmzn) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “बांग्लादेश अपडेट बांग्लादेश में इस्लामिस्ट समूहों पर आरोप है कि उन्होंने पश्चिमी कपड़े पहनने या दाढ़ी न रखने वाले छात्रों के बाल काटकर उत्पीड़न किया। घटनाओं के वीडियो/रिपोर्ट्स सामने आने के बाद कड़ी निंदा और कार्रवाई की मांग उठ रही है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें Kaler Kantho नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो  27 सितंबर 2025 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां लिखा है कि सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने फरीदा परवीन स्मारक कार्यक्रम में प्रतीकात्मक विरोध के रूप में अपने बाल कटवाए।

 

यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो हालिया बांग्लादेश प्रदर्शन के पहले का है। ऊपर मिली जानकारी की मदद से हमने आगे की पड़ताल की। यहां हमें प्रोथोम आलो की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 26 सितंबर 2025 को प्रकाशित की गई है। यहां हमें वायरल वीडियो में नजर आ रहे शख्स देखने को मिले। इसके साथ ही यहां लिखा है कि लालोनकन्या फरीदा परवीन की स्मृति में एक अनूठा कार्यक्रम। लालोनकन्या फरीदा परवीन की स्मृति में शुक्रवार सुबह मयमनसिंह शहर के जैनुल अबेदीन उद्यान में एक शोक सभा आयोजित की गई। यह सभा सुबह 6 बजे से 10 बजे तक चली। 

 

इसके बाद हमने आगे के पड़ताल के लिए कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हममें बांग्लादेश बीडी न्यूज 24 की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 26 सितंबर 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि परंपरा' नामक एक सांस्कृतिक संगठन ने शुक्रवार सुबह से जैनुल अबेदीन उद्यान क्षेत्र में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसी दौरान, देशभर में धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ और खुद को माफ करने वाले लोगों के जबरन बाल काटने के विरोध में प्रदर्शन भी हुए। पिछली ईद-उल-अजहा से पहले, मयमनसिंह के तारकंदर के फकीर हलीम उद्दीन अकंद को जबरन गिरफ्तार कर लिया गया और उनके बाल और दाढ़ी काट दी गई। इस घटना का एक वीडियो हाल ही में फेसबुक पर वायरल हुआ है। फरीदा परवीन की स्मृति सभा में, आयोजक और कवि शमीम अशरफ ने भी इस घटना के प्रतीकात्मक विरोध में अपने बाल कटवाए।

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़तला में वायरल वीडियो को तीन महीने पुराना पाया है। इस वीडियो का बांग्लादेश में हालिया प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। 

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