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Fact Check: बिहार में महिला को पीटने के पुराने वीडियो को हालिया बताकर किया जा रहा वायरल, जानें असलियत
Wed, 06 Nov 2024 06:52 PM IST
संध्या
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
Published by: संध्या
Updated Wed, 06 Nov 2024 06:52 PM IST
सार
Fact Check: सोशल मीडिया पर महिला को पीटने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो को हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है, जबकि यह घटना मार्च 2022 की है।
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FACT CHECK
- फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
सोशल मीडिया एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला को एक आदमी छड़ी से मारता हुआ नजर आ रहा है। साथ ही महिला की साड़ी को भी खींचा जाता है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके हालिया बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जिस देश में महिलाओं का सम्मान किया जाता है वहीं महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है।
टाइगर (@0TIGER_0) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “ईरानी महिला की चिंता करने वाले, अंधभक्तों, ये ईरान नहीं ये वही देश है जहां महिला को देवी का दर्जा देने का ढोंग करते, और असलियत छुपाते है।”
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संत कुमार (@BasantkumarIAS) “ईरानी महिला की चिंता करने वाले, अंधभक्तों, ये ईरान नहीं ये वही देश है जहां महिला को देवी का दर्जा देने का ढोंग करते, और असलियत छुपाते है।”
पड़ताल
वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इस वीडियो से जुड़ी कई खबरें मिली। एनडीटीवी ने इस खबर को 24 मार्च 2022 में छपा था। खबर के अनुसार, बिहार के मधेपुरा जिले में भरी पंचायत में एक महिला का 'चीरहरण' किया गया और बर्बरता से पिटाई की गई। यह घटना पंचों के सामने हुई। महिला को गर्म सलाखों से भी दागा गया था।”
बीबीसी में मधेपुरा पुलिस के छपे बयान के अनुसार "इस मामले में शंकर दास के साथ साथ एक और अभियुक्त की गिरफ्तारी की गई थी। मामले में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया था। ये घटना 20 मार्च 2022 को ही घटी लेकिन पुलिस के संज्ञान में ये मामला 23 मार्च 2022 को आया जब ये महिला सदर अस्पताल इलाज के लिए गई। पूरे मामले में एक जाति पंचायत बैठी जिसने इस महिला पर आरोप लगाते हुए पूरी घटना को अंजाम दिया।'
इस दोनों खबरों से ये साबित हो गया कि ये घटना दो साल पुरानी है। साथ ही पुलिस के बयान के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि ये घटना दो साल पुरानी है जिसे हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है।
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क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके हालिया बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जिस देश में महिलाओं का सम्मान किया जाता है वहीं महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है।
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टाइगर (@0TIGER_0) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “ईरानी महिला की चिंता करने वाले, अंधभक्तों, ये ईरान नहीं ये वही देश है जहां महिला को देवी का दर्जा देने का ढोंग करते, और असलियत छुपाते है।”
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संत कुमार (@BasantkumarIAS) “ईरानी महिला की चिंता करने वाले, अंधभक्तों, ये ईरान नहीं ये वही देश है जहां महिला को देवी का दर्जा देने का ढोंग करते, और असलियत छुपाते है।”
पड़ताल
वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इस वीडियो से जुड़ी कई खबरें मिली। एनडीटीवी ने इस खबर को 24 मार्च 2022 में छपा था। खबर के अनुसार, बिहार के मधेपुरा जिले में भरी पंचायत में एक महिला का 'चीरहरण' किया गया और बर्बरता से पिटाई की गई। यह घटना पंचों के सामने हुई। महिला को गर्म सलाखों से भी दागा गया था।”
बीबीसी में मधेपुरा पुलिस के छपे बयान के अनुसार "इस मामले में शंकर दास के साथ साथ एक और अभियुक्त की गिरफ्तारी की गई थी। मामले में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया था। ये घटना 20 मार्च 2022 को ही घटी लेकिन पुलिस के संज्ञान में ये मामला 23 मार्च 2022 को आया जब ये महिला सदर अस्पताल इलाज के लिए गई। पूरे मामले में एक जाति पंचायत बैठी जिसने इस महिला पर आरोप लगाते हुए पूरी घटना को अंजाम दिया।'
इस दोनों खबरों से ये साबित हो गया कि ये घटना दो साल पुरानी है। साथ ही पुलिस के बयान के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि ये घटना दो साल पुरानी है जिसे हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है।