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Fact Check: इंडोनेशिया की झड़प को त्रिपुरा के आदिवासी का बांग्लादेशी घुसपैठियों पर हमला बातकर किया जा रहा शेयर

Wed, 04 Jun 2025 09:10 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Wed, 04 Jun 2025 09:10 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, वीडियो में कुछ लोग धनुष बाण से लड़ते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि त्रिपुरा के आदिवासी बांग्लादेश के घुसपैठियों पर हमला कर रहे हैं। हमारी पड़ताल में यह वीडियो इंडोनेशिया के सेंट्रल पापुआ का निकला है। 

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Tribals of Tripura are attacking Bangladeshi intruders
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग तीर से हमला कर रहे हैं। दिख रहा है कि कुछ लोगों के पास लकड़ी से बना हुआ धनुष मौजूद है और वे उससे हमला कर रहे हैं। जिस वीडियो को शेयर किया जा रहा है उस वीडियो पर लिखा हुआ है “प्राचीन न्याय! त्रिपुरा के आदिवासियों ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ धनुष-बाण चलाए”। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि वीडियो यह वीडियो त्रिपुरा का है जहां बांग्लादेश की लोग अवैध तरीके से घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वहां के आदिवासियों ने उन्हें मार भगाया। साथ ही कहा जा रहा है कि सरकार को इन लोगों की मदद करनी चाहिए और इन्हें आधुनिक हथियार देने चाहिए। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि यह वीडियो भारत से संबंधित नहीं है। यह वीडियो इंडोनेशिया के सेंट्रल पापुआ का है जिसे भारत का बताकर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

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क्या है दावा  

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि त्रिपुरा के आदिवासियों ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को धनुष-बाण चलाकर भारत में घुसने से रोका है। 

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अनामिका पटेल नाम की इंस्टाग्राम यूजर ने इस वीडियो को शेयर किया। इस वीडियो पर लिखा है “प्राचीन न्याय! त्रिपुरा के आदिवासियों ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ धनुष-बाण चलाए” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

  इस तरह के कई और दावों को लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल  

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वारुंगजर्नलिस नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउट पर यह वीडियो 9 दिसंबर 2024 को पोस्ट मिला। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था। यह कैप्शन इंडोनेशिया की भाषा में लिखा गया था जिसका अनुवाद है “4 घंटे तक आपसी हमले, इंटन जया में उम्मीदवार जोड़ी के समर्थकों के बीच झड़प में 4 कियोस्क जल गए। सेंट्रल पापुआ प्रांत के इंटन जया रीजेंसी पिलकाडा में उम्मीदवार जोड़ी के समर्थकों के बीच झड़प। यह झड़प उम्मीदवार जोड़ी 3 - अपोलोस बागाऊ के समर्थकों द्वारा शुरू की गई थी, जिन्हें संदेह था कि उम्मीदवार जोड़ी नंबर 1 - अनेर मैसेनी उनके वोट चुरा रही है। दोनों खेमों के बीच झड़पें अपरिहार्य थीं, जो शनिवार, 7 दिसंबर, 2024 को लगभग 09.30 WIT पर हुईं। इंटन जया पुलिस प्रमुख, कमिश्नर सुबेकती विबोवो ने कहा कि झड़प में 1000 से अधिक लोग शामिल थे और ये सभी  युद्ध के औजारों, पत्थरों और धारदार औजारों से लैस थे। 

  यहां हमें इंस्टा पोस्ट से पूरा मामला को समझ नहीं आया लेकिन यह पता चला कि वीडियो हालिया नहीं है। आगे हमने कुछ कीवर्ड का इस्तेमाल करके इससे जुड़ी रिपोर्ट खोजने की कोशिश की। यहां हमें अंतरा न्यूज़ पर 9 दिसंबर 2024 को एक रिपोर्ट प्रकाशित मिली। अंतरा एक इंडोनेशियाई समाचार एजेंसी है। यह देश की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी है, जो कई घरेलू मीडिया संगठनों को समाचार रिपोर्ट प्रदान करती है। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि 7 दिसंबर 2024 को चुनाव के बाद दो अलग-अलग उम्मीदवार जोड़ियों (जिन्हें “पासलोन” कहा जाता है) के समर्थकों के बीच इंटन जया में बड़ी लड़ाई छिड़ गई। पापुआ पुलिस के जनसंपर्क प्रमुख वरिष्ठ आयुक्त इग्नाटियस बेनी अदी प्रबोवो ने स्वीकार किया कि मध्य पापुआ के इंटन जया में रीजेंट उम्मीदवार के समर्थकों के बीच झड़प का कारण यह संदेह था कि उनके उम्मीदवार के वोट  अन्य उम्मीदवारों ने ले लिए हैं।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार (7/12) को रीजेंट नंबर 3 के उम्मीदवार के समर्थकों की भीड़ ने उम्मीदवार नंबर 1 के समर्थकों की भीड़ पर हमला कर दिया, क्योंकि उन्हें संदेह था कि तीर, धनुष और भाले जैसे पारंपरिक युद्ध उपकरणों का उपयोग करके उनके वोट चुराए जा रहे थे।

 


 

कीवर्ड से सर्च करने पर हमें त्रिपुरा में ऐसे किसी मामले का बारे में पता नहीं चला। लेकिन हमें इंडोनेशिया की कई रिपोर्ट मिली जिसमें इस मामले के बारे में बताया गया था। ऐसी कई और रिपोर्ट को आप यहां और यहां भी देख सकते हैं। 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो भारत के त्रिपुरा का नहीं बल्कि इंडोनेशिया में हुए चुनाव के दौरान दो गुटों में लड़ाई होने का है।

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