फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   The road with strange asphalting is not from India but bulgaria

Fact Check: अजीबोगरीब डामरीकरण वाली सड़क भारत की नहीं है, जानें सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की पूरी सच्चाई

Wed, 21 Aug 2024 07:19 PM IST
शिवेंद्र फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र Updated Wed, 21 Aug 2024 07:19 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पतली सड़क की तस्वीर खूब वायरल है। इस तस्वीर को लोग भारत का बताकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। हालांकि, पड़ताल में पता चला कि वायरल हो रही तस्वीर बुल्गारिया की है।

विज्ञापन
The road with strange asphalting is not from India but bulgaria
FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पतले डामरीकरण वाली सड़क की तस्वीर वायरल है। इस तस्वीर को लोग भारत का बताकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। 
विज्ञापन


क्या है दावा?
सोशल मीडिया एप एक्स पर वायरल तस्वीर में दिखाया गया है कि सड़क के दोनों तरफ पतली-पतली चारकोल की परत बिछाई गई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने अपने एक्स अकाउंट से तस्वीर को पोस्ट किया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र सरकार पर तंज कस्ते हुए लिखा, 'इस राज में केवल टायर जितनी चौड़ी ही सड़क बनती है क्या?'

विज्ञापन


पड़ताल 
इस तस्वीर की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले गूगल पर वायरल तस्वीरों के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। गूगल रिजल्ट में हमें इससे संबंधित कुछ पुराने सोशल मीडिया पोस्ट मिले। यहां से यह संकेत तो मिल गया कि वायरल हो रही फोटो अभी की नहीं है। पड़ताल के दौरान ही एक बुल्गारियन मीडिया पर एक न्यूज रिपोर्ट मिली। 13 अक्तूबर, 2023 को प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, बुल्गारिया के राजधानी जिले ड्रैगलेवत्सी में एक डामरीकरण का अजीबोगरीब नेटवर्क देखने को मिला था। नेन्को बाल्कन्स्की स्ट्रीट पर, डामर केवल सड़क के दोनों सिरों पर बिछाया गया। किसी भी वाहन के टायर मुश्किल से गुजरते हैं। किनारे पर बिछाने पर डामर हाथ से भी उखड़ जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसी ही रिपोर्ट कुछ और भी बुल्गारियन मीडिया द्वारा प्रकाशित की गई थीं। इसके अलावा, कई बुल्गारियन यूजर्स ने पिछले साल तमाम सोशल मीडिया माध्यमों पर पिछले साल इसे साझा किया था।



पड़ताल का नतीजा
पड़ताल से साफ है कि वायरल हो रही तस्वीर कम से कम 10 महीने पुरानी है। यह तस्वीर भारत की नहीं बल्कि बुल्गारिया के ड्रैगलेवत्सी क्षेत्र की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed