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Fact Check: स्टैचू ऑफ यूनिटी में आ रही दरारों का दावा भ्रामक, पड़ताल में जानें वायरल तस्वीर की पूरी सच्चाई

Mon, 09 Sep 2024 08:48 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Mon, 09 Sep 2024 08:48 PM IST
सार

Fact Check: स्टैचू ऑफ यूनिटी की एक तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल करके दावा किया जा रहा है कि उसमें दरार आ रही है। 

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The picture of cracks appearing in the Statue of Unity is fake
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्टैचू ऑफ यूनिटी की एक तस्वीर सोशल मीडिया  पर वायरल हो रही है। इस एक तस्वीर को दो तस्वीरों से मिलाकर बनाया गया है। एक तरफ स्टैचू ऑफ यूनिटी की पूरी तस्वीर है और दूसरी तरफ स्टैचू ऑफ यूनिटी के पैरों का एक हिस्सा है जिसमें दरारें नजर आ रही हैं। 
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क्या है दावा 
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि स्टैचू ऑफ यूनिटी में दरार आनी शुरू हो गई है और ये कभी भी गिर सकती है। इस तस्वीर को सोशल मीडिया एक्स पर काफी शेयर किया जा रहा है। 
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देबोजीत भराली (@DebojitBharali) नाम के एक एक्स यूजर ने तस्वीर को शेयर करके लिखा “प्रतिमा पर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का प्रभाव।”
RaGa फॉर इंडिया (@RaGa4India) नाम के एक एक्स अकाउंट से तस्वीर को शेयर करके लिखा गया “कभी भी गिर सकता है। दरार पड़ना शुरू हो गया।”
  वायरल फिलर्स (@viralfillers) नाम के एक एक्स अकाउंट से तस्वीर को शेयर करके लिखा गया “2018 में बनी दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा - स्टैच्यू ऑफ यूनिटी - में दरार आने लगी हैं।”
पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को सबसे पहले गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। हमें ये तस्वीर ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की वेबसाइट पर मिली। जिसे 2018 में पोस्ट किया गया था। यहां से ये साफ हो गया कि ये तस्वीर पुरानी है। 

आगे पड़ताल करने पर हमें पीआईबी का एक बयान मिला। पीआईबी की तरफ से कहा गया है कि स्टैचू ऑफ यूनिटी के गिरना का जो दावा किया जा रहा है वो फर्जी है यह तस्वीर वर्ष 2018 में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण के दौरान की है। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वायरल हो रही तस्वीर पुरानी है और ये दावा भ्रामक है। 

 
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