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Fact Check: महाकुंभ में लगे पीडीए के लगे बोर्ड का सपा से कोई संबंध नहीं, भ्रामक दावा किया जा रहा शेयर

Thu, 16 Jan 2025 06:03 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Thu, 16 Jan 2025 06:03 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक महाकुंभ में लगे पीडीए के बोर्ड की तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। इन तस्वीरों के साथ दावा किया जा रहा है कि ये बोर्ड अखिलेश के नए गठबंधन पीडीए से संबंधित है। PTI ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। 

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The PDA board installed at Maha Kumbh has no connection with samajwadi party
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

13 जनवरी से महाकुंभ 2025 का आगाज हो चुका है। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में कलश बना हुआ है और उसके नीचे P.D.A लिखा हुआ है। यूजर्स तस्वीर को शेयर कर दावा कर रहे है कि पहली बार राज्य सरकार विपक्ष समाजवादी पार्टी (सपा) के मुद्दे का प्रचार कर रही है।

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पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। जांच में पता चला कि महाकुंभ में लगे बोर्ड पर लिखे पीडीए का मतलब प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी है। इसका समाजवादी पार्टी (सपा) के ‘पीडीए’ फॉर्मूले से कोई लेना-देना नहीं है।

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क्या है दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने 11 जनवरी 2025 को वायरल क्लीप को शेयर करते हुए लिखा, “पहली बार देखा की सरकार विपक्ष के मुद्दे का प्रचार कर रही है…इसे ही कहते हैं, गंगा जमुनी तहज़ीब,डरी सहमी हुई सरकार” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

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वहीं, एक अन्य यूजर ने समान दावे के साथ वायरल पोस्ट को फेसबुक पर पोस्ट किया है।  पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

दरअसल, पीडीए शब्द सपा प्रमुख अखिलेश द्वारा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए उपयोग किया गया था। इस पोस्ट को इसी संदर्भ से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

पड़ताल
दावे की सच्चाई जानने के लिए पीटीआई फैक्ट डेस्क ने संबंधित कीवर्ड से गूगल पर ओपन सर्च किया, इस दौरान पीटीआई को प्रयागराज विकास प्राधिकरण की वेबसाइट मिली, जिस पर P.D.A का लोगो लगा मिला, जो हूबहू वायरल पोस्ट में कलश की ऊपर बांए तरफ लगे लोगो की तरह था।  वेबसाइट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल की अगली कड़ी में डेस्क ने वायरल तस्वीर को गूगल लेंस के जरिए रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान हमें प्रयागराज विकास प्राधिकरण का आधिकारिक एक्स हैंडल मिला, जिसकी फ्रोफाइल फोटो में वायरल तस्वीर में कलश के बाएं तरफ वाला लोगो लगा हुआ था।

वहीं, इसी हैंडल पर समान तस्वीर के साथ पोस्ट किया गया था, जिसमें बताया गया है “आगामी दिव्य,भव्य, नव्य महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के स्वागत को लेकर पीडीए शहर के सड़कों ,पार्कों व चौराहों को सजाने संवारने में युद्धस्तर पर जुटा हुआ है जिसको लेकर 33 प्रोजेक्ट पूरे कर लिए गए हैं ,शेष कार्य भी पीएम के 13 दिसंबर प्रयागराज दौरा से पहले पूर्ण हो जायेंगे ।”  पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल को आगे बढ़ाने पर हमें प्रयागराज विकास प्राधिकरण के इंस्ट्रग्राम हैडंल पर वायरल तस्वीर मिली, साथ ही पोस्ट में P.D.A के कामों को विस्तार से बताया गया था। पोस्ट का लिंक और और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल के अंत में हमने प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट के ऑफिस में संपर्क किया, डीएम के ओएसडी नरेंद्र कुमार  ने बताया, “P.D.A का मतलब प्रयागराज विकास प्राधिकरण है, इसका किसी भी सरकार से कोई लेना-देना नहीं, अगर आप तस्वीर को जूम करेंगे तो बाएं तरफ हमारा लोगो लगा हुआ है, जिस पर लोगो के साथ स्पष्ट लिखा हुआ प्रयागराज विकास प्राधिकरण।”

पड़ताल का नतीजा
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। जांच में पता चला कि महाकुंभ में लगे बोर्ड पर लिखे पीडीए का मतलब प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी है। इसका सपा के पीडीए फॉर्मूले से कोई लेना-देना नहीं है।

(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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