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Hindi News ›   Fact Check ›   The Indian government's claim of reviewing the list of US products exempted from tariffs is false

Fact Check: टैरिफ से बचे अमेरिकी उत्पादों की सूची की समीक्षा का दावा, जानें क्या है वायरल पोस्ट का सच

Tue, 05 Aug 2025 02:31 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 05 Aug 2025 02:31 AM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने टैरिफ से छूटे अमेरिकी उत्पादों की सूची की समीक्षा शुरू कर दी है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।  

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The Indian government's claim of reviewing the list of US products exempted from tariffs is false
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपत्ति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लागू करने की घोषण की है। यह टैरिफ 7 अगस्त से लागू होने वाला है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है। पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने अमेरिका के उन उत्पादों की समीक्षा शुरू कर दी है, जो टैरिफ सूची से बाहर हैं। भारत का कहना है कि आपसी सम्मान के बिना कोई विशेषाधिकार नहीं।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि भारत सरकार ने अमेरिकी उत्पादों की सूची की समीक्षा शुरू करने की कोई घोषण नहीं की है।

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क्या है दावा?
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार अमेरिकी उत्पादों की सूची की समीक्षा करने वाली है।  

चाइन इन इंग्लिश (@चाइनाइनइंग्लिश) नाम के हैंडल ने एक्स पर लिखा “ब्रेकिंग: भारतीय मीडिया | भारत सरकार ने टैरिफ से छूट प्राप्त अमेरिकी उत्पादों की सूची की समीक्षा शुरू कर दी है... और घोषणा की है: "आपसी सम्मान के बिना कोई विशेषाधिकार नहीं।" पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

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इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड की मदद से सर्च किया। इस दौरान हमें कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली। 

आगे की पड़ताल में हमें विदेश मंत्रालय फैक्ट चेक के एक्स हैंडल की एक पोस्ट मिला। यह पोस्ट 3 अगस्त 2025 को साझा किया गया था। इस दौरान विदेश मंत्रालय ने वायरल दावे को फर्जी बताया है। 

इसके बाद हमें प्रेस सूचना ब्यूरो फैक्ट चेक के एक्स हैंडल पर पोस्ट मिला। यह पोस्ट 3 अगस्त को शेयर किया गया था। पोस्ट में  वायरल दावे को गलत बताया गया है। पोस्ट में लिखा गया है कि विदेश मंत्रालय की ओर से ऐसी कोई घोषण नहीं की गई है। 

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को झूठा पाया है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी उत्पादों को लेकर कोई घोषणा नहीं की है। 

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