Fact Check: पटाखे फोड़ने के वर्षों पुराने वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक लड़का एक घर पर रॉकेट जलाते हुए नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि लड़का मुसलमान के घर पर हमला कर रहा है। हालांकि, वीडियो को गलत सांप्रदायिक दावे के साथ अब शेयर किया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
क्या है दावा
इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि दिवाली के जश्न के दौरान मुसलमानों ने हिंदुओं पर हमला किया, जिसके कारण ओडिशा में पटाखे फोड़कर जवाबी कार्रवाई की गई।
संजू त्रिपाठी (@SanjayT00180896) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “ओडिशा में मुसलमानों ने दिवाली मना रहे हिंदुओं पर हमला कर दिया लेकिन उड़िया हिंदुओं ने चुप न बैठकर इस तरह बदला लिया आप देखें मजा आ जायेगा देखना मजेदार है!”
*ओडिशा में मुसलमानों ने दिवाली मना रहे हिंदुओं पर हमला कर दिया लेकिन उड़िया हिंदुओं ने चुप न बैठकर इस तरह बदला लिया आप देखें मजा आ जायेगा 😂 देखना मजेदार है!*
विज्ञापन विज्ञापन
टर्मिनेटर मोड सक्रिय! pic.twitter.com/qBZiKC51WS — Sanju Tripathi (@SanjayT00180896) November 4, 2024
प्रतिभा पुंडीर (@ PratibhaPu47735) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “ओडिशा में दिवाली मना रहे हिंदुओं पर मुसलमानों ने हमला किया लेकिन उड़िया हिंदुओं ने इस तरह बदला लिया देखना आनंदमय है..टर्मिनेटर मोड चालू है इस तरह हर हिंदू को मुसलमानों को जवाब देना चाहिए…”
ओडिशा में दिवाली मना रहे हिंदुओं पर मुसलमानों ने हमला किया लेकिन उड़िया हिंदुओं ने इस तरह बदला लिया देखना आनंदमय है..टर्मिनेटर मोड चालू है इस तरह हर हिंदू को मुसलमानों को जवाब देना चाहिए... pic.twitter.com/dsAlGhb0uf
— Pratibha Pundir (Modi ji ka Parivar) (@PratibhaPu47735) November 4, 2024
पड़ताल
दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें ये वीडियो कई यूट्यूब चैनल पर देखने को मिली। फ्यूचर यूट्यूबर नाम के एक यूट्यूब चैनल पर ये वीडियो 10 नवंबर 2018 को पोस्ट किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा हुआ था “VIMSAR हॉस्टल के छात्रों ने हॉस्टल पर रॉकेट पटाखे दागे - वीडियो वायरल”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो कम से कम छह साल पुराना है। इसे गलत सांप्रदायिक दावे के साथ अब शेयर किया जा रहा है।