Fact Check: दलित युवक की हत्या की सात वर्ष पुरानी खबर को हाल का बताकर वायरल, जानें पड़ताल में इसका सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है खबर के मुताबिक एक दलित युवक को गरबा देखने की वजह से पीट पीटकर मार डाल।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
क्या है दावा
खबर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भारत में, गुजरात में एक मंदिर में गरबा कार्यक्रम को दूर से देखने पर 21 वर्ष के दलित व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
जेम्स ऑफ ब्रूमिनिज्म (@GemsOfBrominism) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “हिंदू एकजुट हैं (दलित व्यक्ति की हत्या करके)”
hindus are united (in killing a dalit man to death) gem pic.twitter.com/ZMkkIAvu0M
— Gems of Broominism (@GemsOfBrominism) October 10, 2024
टीम साथ ऑफिशियल (@TeamSaath) नाम के एक्स अकाउंट से लिखा गया “यह अपमानजनक है। प्रगतिशील भारत में और वह भी गुजरात जैसे आदर्श राज्य में ऐसा कैसे हो सकता है? दलितों का जीवन मायने रखता है”
This is outrageous.
— Team Saath Official🤝 (@TeamSaath) October 11, 2024
How can this happen in progressive India and that too in the model state of Gujarat?
Dalit Lives Matter pic.twitter.com/ziRzE3PvTM
पड़ताल
इस खबर की पड़ताल करने के लिए हमने इसके कीवर्ड से से खबर को सर्च किया। हमें इंटरनेट पर वायरल हो रही इंडिया टुडे की खबर की कटिंग वाली पूरी खबर मिली। खबर को पूरा देखने से हमें पता चला कि खबर को 2017 में पोस्ट किया गया था। जिसे हाल ही का बताकर शेयर किया जा रहा है।
ये खबर हमें और भी कई न्यूज वेबसाइट पर मिली। “द टाइम्स ऑफ इंडिया” की खबर के अनुसार आनंद जिले के बोरसद तालुका के भद्रानिया गांव में रविवार सुबह गरबा देखने वाले 21 वर्षीय दलित युवक की ऊंची जाति के एक समूह ने पीट पीटकर हत्या कर दी थी।
इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। “डिकेन हेराल्ड” की खबर के अनुसार 2021 में आनंद जिले की एक विशेष ट्रायल कोर्ट ने इस घटना के लिए एक उच्च जाति के व्यक्ति
आनंद जिले की एक विशेष ट्रायल कोर्ट ने गुरुवार को एक उच्च जाति के व्यक्ति को छह साल कैद की सजा सुनाई। अदालत ने छह अन्य लोगों को बरी कर दिया, जिन पर पीड़ित की हत्या करने वाली भीड़ का हिस्सा होने का आरोप था ।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि खबर सात वर्ष पुरानी है। इस मामले में आरोपी को सजा भी हो चुकी है।