Fact Check: यूएई में लगी आग को रूस-यूक्रेन युद्ध से जोड़कर किया जा रहा शेयर, पड़ताल में पढ़ें सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें आग की खतरनाक लपटें उठती हुई नजर आ रही है। दावा किया जा रहा है कि रूस ने यूक्रेन पर खतरनाक हमला किया है।
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विस्तार
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच सोशल मीडिया एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि फैक्ट्री में आग लगने के बाद धुएं का बहुत बड़ा गुबार उठ रहा है। वीडियो में बहुत सारे बड़े-बड़े सफेद रंग के टैंक बने हुए भी नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। जांच करने पर पता चला कि वीडियो यूएई का है, जहां शारजाह के अल हमरियाह बंदरगाह पर भीषण आग लग गई, जिसमें ज्वलनशील पदार्थ फैल गए। इस वीडियो का रूस और यूक्रेन से होने का दावा फर्जी निकला है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि रूस ने यूक्रेन पर घातक हमला किया है। रूस के द्वारा अब यूक्रेन को खत्म करने का दावा किया जा रहा है।
इंडियन ऑब्जर्वर (@ag_Journalist) नाम के एक एक्स अकाउंट से वीडियो को शेयर करके लिखा गया था “रूस ने यूक्रेन पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। युद्ध की शुरुआत यूक्रेन ने की थी और इसका अंत भी यूक्रेन के साथ ही होगा” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल के लिए हमने वीडियो को ध्यान से देखा यहां हमें वीडियो में टैंक पर एशिया पेट्रोकेम लिखा हुआ नजर आया। इसके साथ एक लोगो भी बना हुआ था। हमने एशिया पेट्रोकेम को इंटरनेट पर सर्च किया। यहां हमें पता चला कि इसका पूरा नाम एशिया पेट्रोकेमिकल्स है जिसकी स्थापना 1989 में संयुक्त अरब अमीरात में की गई थी, जिसका उद्देश्य फार्मास्यूटिकल्स, औद्योगिक और ऑटोमोटिव स्नेहक, पेंट और कोटिंग्स, एरोमेटिक्स, चिपकने वाले पदार्थ, खाद्य पैकेजिंग, सौंदर्य प्रसाधन, प्लास्टिक और फोम विनिर्माण जैसे अनुप्रयोगों में उपयोग किए जाने वाले पेट्रोकेमिकल्स, पेट्रोलियम उत्पादों, ईंधन और पॉलिमर के विनिर्माण, व्यापार, वितरण और भंडारण के लिए मध्य पूर्व में समूह के पदचिह्न का विस्तार करना था।।
इसके बाद हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें द नेशनल के यूट्यूब चैनल पर पर यह वीडियो देखने को मिला। नेशनल की स्थापना 2008 में हुई थी। द नेशनल यूएई में खबर प्रकाशित करने के लिए जाना जाता है। वीडियो को पोस्ट करके लिखा गया था “शारजाह के अल हमरिया बंदरगाह पर लगी आग पर संयुक्त अरब अमीरात से हेलीकॉप्टरों और अग्निशमन कर्मियों की मदद से 12 घंटे के अभियान के बाद काबू पा लिया गया है।”
आगे हमने कीवर्ड के माध्यम से और रिपोर्ट सर्च किया। यहां हमें द पेनिनसुला कतर के फेसबुक अकाउंट पर यह वीडियो मिला। इस वीडियो के साथ बताया गया था कि शारजाह के अल हमरिया बंदरगाह पर भीषण आग लग गई, जिसमें ज्वलनशील पदार्थ जल गए और यूएई सिविल डिफेंस, शारजाह पुलिस और नेशनल गार्ड की ओर से व्यापक आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू हो गई। द पेनिनसुला दोहा, कतर से प्रकाशित होने वाला एक अंग्रेजी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है।
31 मई को तड़के शारजाह के अल हमरिया बंदरगाह पर भीषण आग लग गई, जिससे ज्वलनशील पदार्थ जल गए और यूएई नागरिक सुरक्षा, शारजाह पुलिस और नेशनल गार्ड को व्यापक आपातकालीन प्रतिक्रिया करनी पड़ी।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो का रूस और यूक्रेन से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो यूएई के शारजाह के अल हमरिया बंदरगाह पर भीषण आग लगने का है।