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Fact Check: आरएसएस के मार्च का वीडियो हरियाणा चुनावों से जोड़कर वायरल, वीडियो का सच ये है

Mon, 02 Sep 2024 07:56 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Mon, 02 Sep 2024 07:56 PM IST
सार

Fact Check: एक एक्स यूजर ने एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि आरएसएस कार्यकर्ताओं ने हरियाणा में चुनाव से पहले पैदल मार्च किया। 

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RSS foot march video goes viral linking haryana elections
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है इस वीडियो में काफी संख्या में आरएसएस के कार्यकर्ता मार्च करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में आरएसएस की वर्दी पहने हुए कई कार्यकर्ता एक कतार में चल रहे हैं, साथ ही कुछ नारे भी लगा रहे हैं। पीटीआई ने अपनी पड़ताल में वीडियो को पुराना बताया है।

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क्या है दावा 
सोशल मीडिया एप एक्स पर ये वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को हरियाणा का बताया जा रहा है। अक्तूबर 2024 में हरियाणा में चुनाव होने वाले है। जिससे पहले इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भाजपा का वैचारिक मूल संगठन माने जाने वाला आरएसएस चुनावी राज्य में युद्धस्तर पर काम कर रहा है।

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विक्रम प्रताप सिंह (@VIKRAMPRATAPSIN) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा है “हरियाणा में RSS. यह देखकर अच्छा लगा कि वे अब हाइपर एक्टिव मोड में हैं. आरएसएस और बीजेपी के बीच सभी आंतरिक मुद्दे सुलझ गए हैं. वे जानते हैं कि मातृभूमि भारत किसी भी अहंकार से परे है. स्वयंसेवक होने पर गर्व है.”

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सुनील सैनी (@Mrsunil__) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “हरियाणा में आरएसएस। यह देखकर अच्छा लगा कि वे अब अति सक्रिय मूड में हैं। आरएसएस और बीजेपी के बीच सभी आंतरिक मुद्दे पर सहमति जताई गई है। वे जानते हैं कि भारत में परमाणु ऊर्जा किसी भी तरह से व्यवहार करती है। स्वयंसेवक होने पर गर्व है।”

सोनू कुमार (@Aryans8825) वाह, यह बहुत बढ़िया है मोदी 3.0 में चीजें हो रही हैं हरियाणा में आरएसएस। यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि वे अब हाइपर एक्टिव मोड में हैं। आरएसएस और भाजपा के बीच सभी आंतरिक मुद्दे सुलझ गए हैं। वे जानते हैं कि मातृभूमि भारत किसी भी अहंकार से परे है। स्वयंसेवक होने पर गर्व है।”


 

पड़ताल 
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए पीटीआई ने सबसे पहले गूगल पर वायरल वीडियो के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज पर सर्च किया। गूगल रिजल्ट में पीटीआई को फेसबुक अकाउंट का एक लिंक दिखा। विश्व संवाद केंद्र - कोकण नाम के एक फेसबुक हैंडल ने 7 अक्तूबर, 2022 को वह वीडियो शेयर किया हुआ था। पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, “मलप्पुरम में विजयादशमी पथ संचलन।” यहां से ये साफ हो गया कि वीडियो करीब दो साल पुराना है। 

पीटीआई के मुताबिक, आरएसएस केरल के नाम से एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी 7 अक्तूबर, 2022 को यह वीडियो शेयर किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था, “तनूर, मलप्पुरम जिला, केरल.....जहां 1921 के दौरान हिंदुओं के खिलाफ मालाबार दंगे हुए थे.....”

इस फोटो के लोकेशन के बारे में और अधिक जानकारी लेने के लिए पीटीआई ने तनूर, मलप्पुरम, केरल का संकेत लेते हुए इसे गूगल मैप्स पर उसी स्थान को जियोलोकेट किया। पीटीआई को गूगल मैप्स पर वही स्थान मिला जो वायरल वीडियो में दिख रहा है। 

पड़ताल का नतीजा
पीटीआई की पड़ताल में ये साफ है की वायरल वीडियो केरल में आरएसएस की रैली का एक पुराना वीडियो है। इसका हाल ही में हरियाणा में होने वाले चुनावों से कोई संबंध नहीं है।

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