Fact Check: राहुल गांधी ने कांशीराम का अपमान नहीं किया, कांग्रेस नेता का अधूरा वीडियो गलत दावे से वायरल
Fact Check: लोकसभा चुनाव के बीच सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल है। वीडियो साझा कर राहुल पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने बसपा के संस्थापक कांशीराम का अपमान किया है। The Quint ने अपनी जांच में पाया कि राहुल के वीडियो का अधूरा हिस्सा गलत संदर्भ के साथ वायरल है।
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देश में इस वक्त लोकसभा के चुनाव हो हो रहे हैं। पांच चरण के मतदान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं छठे चरण के लिए 25 मई को वोटिंग है। जिन सीटों पर चुनाव बचा है वहां तमाम दल जो आजमाइश कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2024) के बीच सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वो कहते दिख रहे हैं, ''पोजिशनिंग, देखो ये भगवान है, ये भगवान है। हमारी पोजिशनिंग ये है कि भगवान कैसे बना ? उसके पीछे कौन खड़ा था? कांशीराम दलित अभिव्यक्ति के बिना कुछ नहीं। हम उनके चुनाव क्षेत्र को क्यों भूल रहे हैं?''
दावा : वीडियो शेयर कर राहुल गांधी पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने दिवंगत दलित नेता और बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशीराम का अपमान किया है।
पोस्ट का अर्काइव यहां देखें
सोर्श : स्क्रीनशॉट/X/Altered by quint hindi
यही दावा करते अन्य पोस्ट्स के अर्काइव यहां, यहां और यहां देखें।
क्या ये सच है ? : द क्विंट ने अपनी जांच में बताया कि राहुल गांधी के अधूरे वीडियो को गलत संदर्भ के साथ शेयर किया जा रहा है।
वायरल वीडियो का आगे और पीछे का हिस्सा सुनने पर पता चलता है कि राहुल ने सिर्फ कांशीराम पर बात नहीं की। राहुल से सवाल पूछा गया था कि भीमराव अंबेडकर और पंडित जवाहरलाल नेहरू ने मिलके जो काम किए, उन्हें प्रचारित करने की जरूरत है। जवाब में राहुल ने कहा कि कांग्रेस किसी एक शख्स की पोजिशनिंग बीजेपी की तरह नहीं करती। फिर राहुल उदाहरण देना शुरू करते हैं।
वो कहते हैं कि गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम दिया, नेहरू ने संस्थान बनाए, अंबेडकर ने संविधान बनाया, ये पोजिशनिंग गलत है। क्योंकि ये सभी लोग जनता में से ही थे।
राहुल कहते हैं कि बीजेपी लोगों की पोजिशनिंग भगवान की तरह करती है, हमारी पोजिशनिंग ये है कि ये भगवान कैसे बना, उसे भगवान किसने बनाया। इसी क्रम में एक और उदाहरण देते हुए राहुल कांशीराम की बात करते हैं।
राहुल आगे अपना उदाहरण देते हुए कहते हैं कि अगर में जाति जनगणना की बात करता हूं, तो मैं 90% लोगों के बिना क्या हूं?
द क्विंट ने ये सच कैसे पता लगाया ? : द क्विंट ने सबसे पहले वायरल हो रहे वीडियो का लंबा वर्जन ढूंढना शुरू किया। हमें राहुल गांधी के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 15 मार्च 2024 को अपलोड किया गया इस बातचीत का लंबा वर्जन मिला।
8:46 मिनट पर राहुल से वो सवाल पूछा जाता है, जिसके जवाब का अधूरा हिस्सा वायरल हो रहा है। राहुल से सवाल पूछा जाता है ''बाबा साहब और नेहरू जी ने मिलके जो काम किया, हमें इसको थोड़ा प्रचारित करने की जरूरत है।''
जवाब में राहुल ने कहा,
ये जो फ्रेम है ये खतरनाक फ्रेम है, ये बीजेपी का फ्रेम है। ऐसा नहीं है कि गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन दिया, अंबेडकर ने संविधान दिया और नेहरू ने संस्थान दिए। असल में ये सभी लोग जनता के उपकरण (Instruments) थे। बीजेपी की पोजिशनिंग है कि ये भगवान है, ये भगवान है, ये भगवान है। हमारी पोजिशनिंग है कि भगवान कैसे बना? उसके पीछे कौन खड़ा था उसकी बात करो ना ? कांशीराम दलित अभिव्यक्ति के बिना कुछ नहीं थे। अपने चुनावी क्षेत्र के बिना, हम उनके चुनावी क्षेत्र को क्यों भूल रहे हैं ? अगर मैं कहूं कि मैं जाति जनगणना में मदद कर सकता हूं, तो मैं 90% लोगों के बिना क्या हूं ? राहुल गांधी इन लोगों की अभिव्यक्ति है।
राहुल गांधी
वीडियो का लंबा वर्जन देखने पर साफ हो रहा है कि, राहुल ने किसी एक शख्स की पोजिशनिंग भगवान जैसी बनाने को गलत बताया था। बीएसपी के संस्थापक कांशीराम के अलावा वीडियो में महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू और डॉ। भीमराव अंबेडकर पर भी राहुल यही बात कह रहे हैं।
निष्कर्ष : राहुल गांधी के वीडियो का अधूरा हिस्सा इस गलत संदर्भ के साथ वायरल है कि उन्होंने दिवंगत दलित नेता कांशीराम के लिए अपमानजनक बात कही।
(This story was originally published by The Quint as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)