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Fact Check: मणिपुर में प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा तिरंगा निकालने का दावा फर्जी, वीडियो की असलियत ये है

Sat, 14 Sep 2024 08:11 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 14 Sep 2024 08:11 PM IST
सार

Fact Check: मणिपुर में एक वायरल वीडियो के जरिए प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा डीसी कार्यालय से भारत का राष्ट्रीय झंडा निकालने का दावा हो रहा है। हालांकि, मणिपुर पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा तिरंगा निकालने का दावा फर्जी बताया है।

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protesting students taking out the tricolour in Manipur is fake
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मणिपुर में पिछले दिनों प्रदर्शन की तस्वीरें निकल कर सामने आईं। इस कड़ी में एक और वीडियो सामने आया है जिसे मणिपुर का बताया जा रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्र किसी कार्यालय से झंडा निकालते हुए नजर आ रहे हैं और दूसरा झंडा लगा रहे हैं। 
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क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि छात्रों ने भारत का झंडा हटा कर सात रंग के झंडे को फहराया है। कहा जा रहा है कि मणिपुर में प्रदर्शन के बीच ये तस्वीरें सामने आई है। 
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शाहरियार हसन जॉय (@MdShahriarHas16) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो के साथ लिखा “#भारत के पूर्वोत्तर राज्य के क्षेत्रों को हमेशा भेदभाव का सामना करना पड़ा है। नतीजतन, वे अपनी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए भारत से अलग होना चाहते हैं। नतीजतन, #मणिपुर में छात्र भारतीय ध्वज को उतारकर 7 सिस्टर्स का झंडा फहरा रहे हैं।”
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न्यू बांग्लादेश (@AMpalestin) नाम के एक एक्स हैंडल से वीडियो शेयर करके लिखा गया “मणिपुर के स्वतंत्रता की मांग करने वाले छात्र भारतीय ध्वज को नीचे उतार रहे हैं और स्थानीय डीसी कार्यालय में 7 सिस्टर्स रॉस ध्वज स्थापित कर रहे हैं।”
पड़ताल 
पड़ताल शुरू करने पर हमें सबसे पहले मणिपुर पुलिस का बयान मिला। वायरल वीडियो से जुड़े हुए दावों को लेकर मणिपुर पुलिस ने एक्स पर एक बयान दिया। पुलिस ने अपने बयान में कहा “सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी खबरें आई थीं कि छात्र प्रदर्शनकारियों ने थौबल में डीसी कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज को बदल दिया। यह रिपोर्ट फर्जी है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने थौबल में डीसी कार्यालय के बाहर गेट पर लगे एक पुराने और घिसे हुए सलाई तारेट (7 रंग का झंडा) को बदलने की कोशिश की। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने के बाद दोनों झंडों को गेट से हटा दिया गया।”
 
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि डीसी कार्यालय से राष्ट्रीय ध्वज को नहीं निकाला गया है। वायरल वीडियो का दावा फर्जी है। 
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