Fact Check: बाघ को हाथी पर बैठाने का वीडियो बिहार का नहीं, वर्षों पुरानी घटना की असल कहानी ये है
Fact Check: सोशल मीडिया पर हाथी पर एक बाघ के बिठाए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो बिहार का है। PTI ने अपनी पड़ताल में दावे को गलत पाया है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप काफी वायरल है, जिसमें एक बाघ को हाथी पर बिठाकर घुमाते हुए दिखाया गया है। करीब 30 सेकंड के इस क्लिप में देखा जा सकता है कि हाथी पर सवार दो लोग पहले बाघ का कान मरोड़ते हैं और फिर उसके सिर को ऊपर की ओर खींचते हैं। इस दौरान बाघ बिल्कुल शांत नजर आता है। कई मीडिया आउटलेट और आम यूजर्स इस वीडियो को बिहार का बताकर शेयर कर रहे हैं।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की पड़ताल में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। जांच में पता चला कि यह वीडियो बिहार का नहीं बल्कि उत्तराखंड का है। वर्ष 2011 में उत्तराखंड के रामनगर में इस बाघ ने 6 लोगों की जान ले ली थी। वन अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद इस पर काबू पाया था और बाद में उसे हाथी पर बिठाकर घुमाया था।
क्या है दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर ‘गुरु’ नाम के एक यूजर ने 24 दिसंबर को वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा,“इ बिहार है बाबू यहां उड़ती चिडियां को भी हल्दी लगा देते हैं! ऐसे अद्भुद नजारे बिहार में ही देखने को मिल सकते है!” इस पोस्ट को अब तक 969k से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
फेसबुक यूजर ‘पुष्पेंद्र अवस्थी’ ने 25 दिसंबर को इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “इ बिहार है बाबू यहां उड़ती चिड़िया को भी हल्दी लगा देते हैं। ऐसे अद्भुद नजारे बिहार में ही देखने को मिल सकते है। जय बिहार जय बिहारी। अभी कुछ दिन पहले ही बिहार का एक वीडियो मैं अपलोड किया था और फिर से एक वीडियो पेश है सभी के साथ।” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल
वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को गूगल लेंस के जरिए रिवर्स सर्च करने पर पीटीआई को कुछ मीडिया आउटलेट के सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट पर भी यह वीडियो मिला, जिसे बिहार का बताकर शेयर किया गया था। कुछ पोस्ट को यहां, यहां और यहां क्लिक कर देखें।
पड़ताल के दौरान पीटीआई को यह वीडियो इंस्टाग्राम पेज 'wildtrails.in' पर भी मिला। 9 मई 2024 को इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो के कैप्शन में दी गई जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो उत्तराखंड के सुंदरखाल का है, जहां 2011 में अधिकारियों ने अथक प्रयास के बाद बाघ पर काबू पाया था और बाद में उसे हाथी पर बिठाकर घुमाया था। पूरा वीडियो यहां क्लिक कर देखें।
इंस्टाग्राम पेज 'tigerdiaries' ने भी इस वीडियो को 15 जून 2024 को शेयर किया और बताया कि यह वीडियो उत्तराखंड का है। उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा, वर्ष 2011 में उत्तराखंड के सुंदरखाल में एक बाघ ने छह लोगों की जान ले ली थी, जिससे वहां भय का माहौल बन गया था। अधिकारियों ने इस आदमखोर बाघ को पकड़ने के लिये काफी प्रयास किए और किसी तरह उस पर काबू पा लिया। बाद में बाघ को हाथी पर बिठाकर सार्वजनिक रूप से घुमाया गया था। पोस्ट यहां देखें।
पड़ताल के दौरान पीटीआई को ‘भारतीय वन सेवा अधिकारी’ प्रवीण कासवान का 'एक्स' पोस्ट भी मिला। उन्होंने वायरल वीडियो को उत्तराखंड का बताते हुए लिखा, "यह उत्तराखंड के रामनगर का 2011 का पुराना वीडियो है। उस समय बाघ ने 6 लोगों को मार डाला था और बाद में अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया था। बाघ को हाथी पर ले जाया गया था, शायद उस जगह तक वाहन नहीं पहुंच पा रहे थे।" पोस्ट का लिंक यहां देखें।
‘इंडिया टुडे’ और ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की वेबसाइट पर 28 जनवरी 2011 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना उत्तराखंड के रामनगर डिवीजन की है, जहां एक आदमखोर बाघ पर काबू पाने के बाद उसे हाथी पर बिठाकर घुमाया गया था। पूरी रिपोर्ट यहां और यहां क्लिक कर पढ़ें।
पड़ताल का नतीजा
पीटीआई की अब तक की जांच से यह साफ है कि वायरल वीडियो बिहार का नहीं बल्कि उत्तराखंड का है। यूजर्स करीब 14 साल पुराने वीडियो को बिहार का बताकर गलत इसे दावे से शेयर कर रहे हैं।
(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)