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Fact Check:बिहार में पुल गिरने की पुरानी घटनाओं को हाल का बताकर किया जा रहा शेयर, जानें पड़ताल में सच

Mon, 25 Nov 2024 07:27 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Mon, 25 Nov 2024 07:27 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर पुल गिरने की तस्वीर शेयर की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि बिहार में हाल ही में पुल गिरा है। PTI ने अपनी पड़ताल में इस दावे को भ्रामक पाया है। 

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Old incidents of bridge collapse in Bihar shared as recent
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने टूटे हुए पुल की एक तस्वीर शेयर कर रहे हैं। इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि एक पुल बन रहा है और उसी के साथ वो गिरा हुआ नजर आ रहा है। 

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क्या है दावा

तस्वीर के साथ दावा किया गया कि बिहार के सुपौल में 1200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल का एक हिस्सा ढह गया है। वहीं, एक अन्य पोस्ट में यूजर ने लिखा कि बेगूसराय में 14 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पुल उद्घाटन से पहले ही ढह गया। इन तस्वीरों को हाल की घटना बताकर शेयर किया गया।

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पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल सोशल मीडिया पोस्ट भ्रामक निकला। जांच में पता चला कि यूजर्स बिहार में पुल ढहने की पुरानी घटनाओं को हाल का बताकर सोशल मीडिया पर भ्रम फैला रहे हैं। फेसबुक पेज ‘सोशल इंडिया’ ने 22 नवंबर को पुल ढहने की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “बिहार के सुपौल में बन रहे देश के सबसे बड़े पुल का एक हिस्सा गिर गया, 1200 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा था पुल!” पोस्ट का लिंकआर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

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इसी पेज पर 22 नवंबर को बिहार में पुल गिरने से जुड़ी एक और पोस्ट शेयर की गई। पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “बिहार में पहले धंसा एक पिलर फिर झुकने लगा ब्रिज 10 मिनट में नदी में समाया 1700 करोड़ का पुल, बिहार में यह क्या हो रहा है!” पोस्ट का लिंकआर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

फेसबुक पर 22 नवंबर को पुल ढहने की एक और तस्वीर शेयर करते हुए यूजर ने लिखा, “बिहार के बेगूसराय में उद्घाटन से पहले गिर गया था पुल 14 करोड़ की लागत से बना था ब्रिज, आपको क्या लगता है!” पोस्ट का लिंकआर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल :

दावे की पुष्टि के लिए डेस्क ने एक-एक करके तीनों तस्वीरों को रिवर्स सर्च किया और पाया कि पुल ढहने की ये घटनाएं हाल की नहीं, बल्कि काफी पुरानी हैं।

पहली तस्वीर :

फेसबुक पर 22 नवंबर को एक पोस्ट शेयर कर दावा किया गया कि बिहार के सुपौल में 1200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल का एक हिस्सा ढह गया है। डेस्क ने जब गूगल पर संबंधित कीवर्ड की मदद से सर्च किया तो पता चला कि यह घटना मार्च 2024 की है।

ईटीवी भारत की वेबसाइट पर 22 मार्च 2024 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, “बिहार के सुपौल में बन रहे देश के सबसे बड़े बकौर पुल के तीन पिलरों का गर्डर गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि कोसी नदी पर भारत माला परियोजना के तहत इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था, तभी अचानक पिलर नंबर 153 और 154 के बीच के 3 सेगमेंट क्रेन से टूटकर नीचे गिर गए। इस पुल के निर्माण की लागत करीब 1200 करोड़ रुपये थी।” पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक कर देखें।

रिपोर्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर वायरल तस्वीर से बिल्कुल मेल खाती है। साफ है कि मामला हाल-फिलहाल का नहीं बल्कि मार्च 2024 का है। सोशल मीडिया पर यूजर्स पुरानी खबरें शेयर कर भ्रम फैला रहे हैं। दोनों तस्वीरों की तुलना का स्क्रीनशॉट यहाँ देखें।

दूसरी तस्वीर :

फेसबुक यूजर ने 22 नवंबर को इस तस्वीर के साथ दावा किया कि बिहार में 1700 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पुल ढह गया है। डेस्क ने जब तस्वीर को गूगल की मदद से रिवर्स सर्च किया तो पता चला कि यह घटना जून 2023 की है।

आजतक की वेबसाइट पर 4 जून 2023 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के खगड़िया-अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच 1700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रहा पुल ढह गया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 23 फरवरी 2014 को भागलपुर के सुल्तानगंज में अगुवानी घाट गंगा नदी पर 1710 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे चार लेन पुल का शिलान्यास किया था। पुल की लंबाई 3.160 किलोमीटर थी और इसका निर्माण 80 फीसदी पूरा हो चुका था। घटना के दौरान पुल के पिलर नंबर 10, 11 और 12 ढह गए थे। पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक करके पढ़ें।

रिपोर्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर वायरल तस्वीर से बिल्कुल मेल खाती है। दोनों तस्वीरों की तुलना का स्क्रीनशॉट यहाँ देखें।

तीसरी तस्वीर :

बेगूसराय में 14 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल के उद्घाटन से पहले ही ढह जाने के दावे के साथ वायरल हो रही इस पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए डेस्क ने तस्वीर को रिवर्स सर्च किया। पता चला कि यह घटना दिसंबर 2022 की है।

आजतक की वेबसाइट पर 19 दिसंबर 2022 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के बेगूसराय में गंडक नदी पर करीब 14 करोड़ की लागत से बना पुल उद्घाटन से पहले ही टूटकर गंडक नदी में गिर गया था। हालांकि, यह घटना करीब दो साल पुरानी है और यूजर्स इसे हाल का बताकर भ्रामक दावा कर रहे हैं। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर 17 अगस्त 2024 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में पिछले 2 सालों में 21 पुल ढह चुके हैं। इनमें 15 से ज्यादा छोटे और पुराने पुल भी शामिल हैं। पूरी रिपोर्ट यहाँ क्लिक करके पढ़ें।

पीटीआई अब तक की जांच से यह स्पष्ट है कि बिहार के अलग-अलग इलाकों में पुल ढहने से जुड़ी पुरानी घटनाओं को अभी शेयर कर सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है। पीटीआई की जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक निकला। 

(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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