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Hindi News ›   Fact Check ›   Narayana Murthy advocates limited interaction between young boys and girls is misleading

Fact Check: नारायण मूर्ति के युवा लड़के-लड़कियों के बीच सीमित बातचीत होने की वकालत का दावा गलत, पढ़ें पड़ता

Sat, 11 Jan 2025 04:01 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 11 Jan 2025 04:01 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने लड़के-लड़कियों के बीच बातचीत को सीमित करने की बात कही है। PTI ने इस दावे को गलत पाया है। 

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Narayana Murthy advocates limited interaction between young boys and girls is misleading
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक न्यूज रिपोर्ट का कथित स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने युवा लड़के-लड़कियों के बीच सीमित बातचीत होने की वकालत की है। चूंकि, यह रिपोर्ट अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट 'हिंदुस्तान टाइम्स' के नाम से शेयर की जा रही है, इसलिए यूजर्स, वायरल स्क्रीनशॉट को सच मानकर इसे खूब शेयर कर रहे हैं। 

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पीटीआई फैक्ट चेक की जांच में वायरल स्क्रीनशॉट फर्जी और एडिटेड निकला। जांच में पता चला कि ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की वेबसाइट पर ऐसी कोई खबर प्रकाशित नहीं की गई थी और न ही नारायण मूर्ति ने ऐसी कोई टिप्पणी की है। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने भी वायरल स्क्रीनशॉट को एडिटेड बताया है।

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क्या है दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने 7 जनवरी को ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक कथित न्यूज रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, "श्री मूर्ति का एक और बयान। क्या नारायण मूर्ति ठीक हैं?" पोस्ट का लिंकआर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

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फेसबुक पर एक यूजर ने 7 जनवरी को कथित न्यूज रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया और मजाकिया लहजे में लिखा, "कितनी अच्छी सलाह है। उम्मीद है कि लड़के और लड़कियां 60 साल की उम्र तक एक-दूसरे से बात नहीं करेंगे।" पोस्ट का लिंकआर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल 

दावे की पुष्टि के लिए डेस्क सबसे पहले संबंधित कीवर्ड कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। पीटीआई को वायरल दावे से जुड़ी ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट्स नहीं मिली।

जांच को आगे बढ़ाते हुए डेस्क ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की वेबसाइट पर “Narayana+Murthy+advocates+limited+interaction” कीवर्ड सर्च किया। हमें यहां ऐसी कोई रिपोर्ट प्रकाशित नहीं मिली।

इसी वेबसाइट पर ‘Narayana Murthy’ कीवर्ड सर्च करने पर डेस्क को वायरल स्क्रीनशॉट में इस्तेमाल की गई फीचर इमेज से मिलती-जुलती कई पुरानी खबरें मिलीं। ऐसी ही एक खबर 16 दिसंबर 2024 को समान फीचर इमेज के साथ प्रकाशित हुई थी, जिसमें नारायण मूर्ति ने देश की स्थिति सुधारने के लिए युवाओं को सप्ताह में 70 घंटे काम करने की वकालत की है।

वायरल स्क्रीनशॉट और वेबसाइट पर प्रकाशित इस रिपोर्ट की तुलना करने पर डेस्क ने नोटिस किया कि मूल खबर में रिपोर्ट के प्रकाशन का समय और तारीख का उल्लेख है, जबकि वायरल स्क्रीनशॉट में ऐसा कुछ नहीं है। स्क्रीनशॉट यहां देखें।

जांच के दौरान डेस्क को 'हिंदुस्तान टाइम्स' के आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर वायरल स्क्रीनशॉट से संबंधित स्पष्टीकरण भी मिला, जिसमें उन्होंने इसे फोटोशॉप्ड और फर्जी बताया।

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने 7 जनवरी को ‘एक्स’ पर लिखा, "एचटी की कथित स्टोरी का एक स्क्रीनशॉट ऑनलाइन वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 'नारायण मूर्ति ने युवा लड़कियों और लड़कों के बीच सीमित बातचीत की वकालत की है।' हम पुष्टि करते हैं कि स्क्रीनशॉट को फोटोशॉप किया गया है और यह रिपोर्ट फर्जी है।"

इसमें आगे लिखा है, “हमारी लीगल टीम इस मामले पर सक्रियता से काम कर रही है तथा गलत सूचना बनाने वाले और इसे फैलाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” पूरा पोस्ट यहां क्लिक कर देखें।

जांच के अंत में, डेस्क ने ईमेल के माध्यम से ‘इंफोसिस ग्लोबल पीआर' टीम से संपर्क किया है। जवाब मिलते ही स्टोरी को अपडेट कर दिया जाएगा।

पड़ताल का नतीजा 
हमारी अब तक की जांच से यह साफ है कि वायरल दावा फर्जी है। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की वेबसाइट पर ऐसी कोई खबर प्रकाशित नहीं की गई थी और न ही नारायण मूर्ति ने ऐसी कोई टिप्पणी की है।

(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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