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Fact Check: चीन के एक्सप्रेसवे की तस्वीर को मेरठ-देहरादून हाइवे की बताकर किया जा रहा भ्रामक दावा, पढ़ें पड़ताल

Tue, 21 Jan 2025 01:37 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 21 Jan 2025 01:37 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक छह-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की एक तस्वीर शेयर हो रही है, जिसे मेरठ-देहरादून हाइवे बताया जा रहा है। PTI ने अपनी पड़ताल में दावे को गलत पाया है। 

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misleading claim is sharing the picture of Chinas expressway as Meerut-Dehradun highway
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर छह-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की एक तस्वीर शेयर हो रही है, जिसे लेकर इंटरनेट यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह तस्वीर मेरठ-देहरादून हाइवे की है। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। हमारी जांच में पता चला कि वायरल तस्वीर मेरठ-देहरादून हाइवे की नहीं बल्कि चीन के शॉगुआन-शिनफेंग एक्सप्रेसवे की है।

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दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने 10 जनवरी 2025 को एक तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “ आज का चित्र - उत्तर प्रदेश के मेरठ देहरादून हाइवे का एक दृश्य ।विकास पथ पर निरंतर अग्रसर नया "उत्तर प्रदेश" ।” पोस्ट का लिंक आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

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वहीं, एक अन्य यूजर ने फेसबुक पर ही समान दावे के साथ फोटो को शेयर किया। पोस्ट का लिंक आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल:
दावे का सच जानने के लिए  पीटीआई फैक्ट डेस्क ने  वायरल तस्वीर को गूगल लेंस के जरिए रिवर्स इमेज सर्च किया। जहां  पीटीआई को ‘CHINA DAILY’  की वेबसाइट पर 30-6-2021 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली।  इस खबर में वायरल तस्वीर का विजुअल मौजूद था। रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखे

‘CHINA DAILY’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया,“गुआंगडोंग प्रांत के उत्तर में एक नया दो-तरफ़ा, छह-लेन वाला एक्सप्रेसवे अब यातायात के लिए खुल गया है। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण 12.8 अरब युआन (लगभग 1.98 अरब डॉलर) की लागत से किया गया है और इसे मंगलवार को यातायात के लिए खोल दिया गया। यह एक्सप्रेसवे गुआंगडोंग-हांगकांग-मकाऊ ग्रेटर बे एरिया से इस क्षेत्र को जोड़ता है और इसकी लंबाई 82 किलोमीटर है।

इसका निर्माण 2017 में चाइना टाईसीजू सिविल इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा शुरू किया गया था। यह एक्सप्रेसवे शाओगुआन के मध्य में शिनफेंग काउंटी से भी गुजरता है। 

पड़ताल के अगले क्रम में हमें चाइना के आउटलेट ‘dahe.cn’ पर 26-4 -2022 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली, जिसके अनुसार, गुआंगडोंग प्रांत में “12.8 अरब युआन (लगभग 1.98 अरब डॉलर) के भारी निवेश से निर्मित शाओगुआन-शिनफेंग एक्सप्रेसवे 29 जून 2021 को यातायात के लिए आधिकारिक रूप से खोल दिया गया। इस नए एक्सप्रेसवे का उद्घाटन गुआंगडोंग-हांगकांग-मकाऊ ग्रेटर बे एरिया से क्षेत्र को जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह एक्सप्रेसवे शाओगुआन और शिनफेंग के बीच 82 किलोमीटर लंबा मार्ग प्रदान करता है, जिससे न केवल यातायात में आसानी होगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा। यह परियोजना गुआंगडोंग प्रांत के समग्र विकास में एक अहम योगदान साबित होगी।” रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखे

हाल में शेयर की गईं सोशल मीडिया पर वायरल फोटो और 2021 में  ‘CHINA DAILY’ में प्रकाशित फोटो को नीचे आप एक साथ देख सकते हैं, दोनों में कोई अंतर नहीं है।



पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में स्पष्ट है कि चीन के गुआंगदोंग प्रांत में बने एक एक्सप्रेसवे की फोटो को शेयर कर सोशल मीडिया यूजर्स मेरठ-देहरादून हाइवे का बताकर भ्रामक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।

(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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