Fact Check: पश्चिम बंगाल में महिला को पीटने वाली घटना में सांप्रदायिक एंगल नहीं, जानें वायरल वीडियो का पूरा सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को एक वीडियो वायरल है जिसमें वे आपस में लड़ते नजर आ रहे हैं। वीडियो में महिला को पीटते हुए भी आदमी दिख रहे हैं।
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विस्तार
क्या है दावा
वीडियो को शेयर करके इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल का है जहां मुस्लिम समुदाय के लोग एक महिला को पीटते हुए नजर आ रहे हैं।
CA 𝒜𝓋𝒾𝓀 𝒩𝒶𝓃𝒹𝒾 .. (@AvikMysterious) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा “ ये है पश्चिम बंगाल के मालदा की घटना..कैसे एक महिला को पीटा जा रहा है देखिये पुरुषो द्वारा, मामला कुछ भी हो..पर इतना साहस इनको आता कहा से है...कहा है दीदी की महिला सुरक्षा ??”
ये है पश्चिम बंगाल के मालदा की घटना..🙄
— CA 𝒜𝓋𝒾𝓀 𝒩𝒶𝓃𝒹𝒾 .. (@AvikMysterious) September 18, 2024
कैसे एक महिला को पीटा जा रहा है देखिये पुरुषो द्वारा, मामला कुछ भी हो..पर इतना साहस इनको आता कहा से है...
कहा है दीदी की महिला सुरक्षा ?? pic.twitter.com/vChlE1EAFV
सनातनी योद्धा (@Hindu_Bhu) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “मित्रो अत्यंत ही बर्बरतापूर्ण खबर, यह दृश्य अफगानिस्तान पाकिस्तान अथवा बांग्लादेश देश का नहीं है, यह भयावह दृश्य पश्चिम बंगाल का है, जहां दिनदहाड़े मालदा की सड़कों पर इस्लामिक जिहादियों के द्वारा महिलाओं को जानवरों की तरह पीटा जा रहा है...।।”
मित्रो अत्यंत ही बर्बरतापूर्ण खबर,
— सनातनी योद्धा (@Hindu_Bhu) September 18, 2024
यह दृश्य अफगानिस्तान पाकिस्तान अथवा बंग्लादेश देश का नहीं है,
यह भयावह दृश्य पश्चिम बंगाल का है,
जहां दिनदहाड़े मालदा की सड़कों पर इस्लामिसट जिहादियों के द्वारा महिलाओं को जानवरों की तरह पीटा जा रहा हैं...।। 😪 pic.twitter.com/gVChoY2rRB
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। वहां से हमें नंदीग्राम से भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी का एक्स पर वीडियो से संबंधित एक ट्वीट मिला।
না না ভাববেন না যে এই দৃশ্য আফগানিস্তান, পাকিস্তান অথবা বাংলাদেশের।
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) September 18, 2024
এই ঘটনা আমাদের পশ্চিমবঙ্গের, গতকাল মালদা জেলার মোথাবাড়ি তে এই ঘৃণ্য দৃশ্য ঘটতে দেখা যায়।
পারিবারিক গণ্ডগোল, জমি নিয়ে বিবাদ, পাড়ার অশান্তি, সূত্রপাত যাই হোক না কেনো, আমাদের রাজ্যে একজন মহিলা কে প্রকাশ্য দিনের… pic.twitter.com/cXpaNO1P7l
सुवेंदु अधिकारी ने वीडियो को शेयर करके लिखा था “नहीं, ये मत सोचिए कि ये नजारा अफगानिस्तान, पाकिस्तान या बांग्लादेश का है। यह घटना कल पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथा बारी में घटी। पारिवारिक कलह, भूमि विवाद, पड़ोस में अशांति, कारण जो भी हो, हमारे राज्य में एक महिला को दिन के उजाले में सड़क पर कुछ पुरुषों द्वारा परेशान करने की हिम्मत कैसे हुई? कहां है महिलाओं की सुरक्षा? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य के वकील का बयान सुनकर ऐसा लगता है कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए अपनी जान दे रही है! क्या यह उसका नमूना है?
दूसरी बात यह है कि तोलामुल (तृणमूल) सरकार ने मतदाताओं के एक वर्ग को खुश करने के लिए प्रशासन के हाथ-पैर बांध दिए हैं, इसलिए तालिबान समर्थक दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन सरकार ने यह जानते हुए भी आंखें मूंद ली है कि वह महिला सुरक्षा के भी खिलाफ है:-”
यहां से संकेत मिला कि यह घटना पारिवारिक कलह और भूमि विवाद की हो सकती है। और अधिक पड़ताल करने पर इस वीडियो से संबंधित खबर हमें कोलकाता में प्रकाशित होने वाले प्रमुख समाचार पत्र द टेलीग्राफ पर मिली। 18 सितंबर की इस रिपोर्ट के अनुसार, मालदा में पारिवारिक विवाद में महिला और बच्चे की डंडों से पिटाई की गई। मालदा के एक गांव में 40 वर्षीय प्यारी बीबी और उलकी छह वर्षीय बेटी को पारिवारिक विवाद के चलते कथित तौर पर दिनदहाड़े कुछ लोगों के एक समूह ने पीटा। प्यारी बीबी और उनकी बेटी का मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एमएमसीएच) में इलाज चल रहा है। प्यारी के पति बाबुल शेख ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मालदा के मोथाबारी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत चांदीपुर गांव के निवासी बाबुल ने बताया कि कुछ गुंडे अवैध रूप से उनकी आवासीय जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। इस घटना में कोई भी सांप्रदायिक एंगल नहीं है। दोनों पक्ष मुस्लिम समुदाय से हैं।