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Fact Check: पश्चिम बंगाल में महिला को पीटने वाली घटना में सांप्रदायिक एंगल नहीं, जानें वायरल वीडियो का पूरा सच

Sat, 21 Sep 2024 07:52 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 21 Sep 2024 07:52 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को एक वीडियो वायरल है जिसमें वे आपस में लड़ते नजर आ रहे हैं। वीडियो में महिला को पीटते हुए भी आदमी दिख रहे हैं। 

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no communal angle in the incident of beating a woman in West Bengal
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कि कुछ लोग आपस में लाठी डंडे लोकर लड़ाई कर रहे हैं। वीडियो में पांच लोग एक दूसरे को डंडे से मारते हुए नजर आ रहे हैं। इसमें एक महिला और चार पुरुष नजर आ रहे हैं। 
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क्या है दावा 
वीडियो को शेयर करके इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल का है जहां मुस्लिम समुदाय के लोग एक महिला को पीटते हुए नजर आ रहे हैं। 
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CA 𝒜𝓋𝒾𝓀 𝒩𝒶𝓃𝒹𝒾 .. (@AvikMysterious) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा “ ये है पश्चिम बंगाल के मालदा की घटना..कैसे एक महिला को पीटा जा रहा है देखिये पुरुषो द्वारा, मामला कुछ भी हो..पर इतना साहस इनको आता कहा से है...कहा है दीदी की महिला सुरक्षा ??”
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सनातनी योद्धा (@Hindu_Bhu) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “मित्रो अत्यंत ही बर्बरतापूर्ण खबर, यह दृश्य अफगानिस्तान पाकिस्तान अथवा बांग्लादेश देश का नहीं है, यह भयावह दृश्य पश्चिम बंगाल का है, जहां दिनदहाड़े मालदा की सड़कों पर इस्लामिक जिहादियों के द्वारा महिलाओं को जानवरों की तरह पीटा जा रहा है...।।”
पड़ताल 
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। वहां से हमें नंदीग्राम से भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी का एक्स पर वीडियो से संबंधित एक ट्वीट मिला। 

सुवेंदु अधिकारी ने वीडियो को शेयर करके लिखा था “नहीं, ये मत सोचिए कि ये नजारा अफगानिस्तान, पाकिस्तान या बांग्लादेश का है। यह घटना कल पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथा बारी में घटी।  पारिवारिक कलह, भूमि विवाद, पड़ोस में अशांति, कारण जो भी हो, हमारे राज्य में एक महिला को दिन के उजाले में सड़क पर कुछ पुरुषों द्वारा परेशान करने की हिम्मत कैसे हुई? कहां है महिलाओं की सुरक्षा? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य के वकील का बयान सुनकर ऐसा लगता है कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए अपनी जान दे रही है! क्या यह उसका नमूना है?

दूसरी बात यह है कि तोलामुल (तृणमूल) सरकार ने मतदाताओं के एक वर्ग को खुश करने के लिए प्रशासन के हाथ-पैर बांध दिए हैं, इसलिए तालिबान समर्थक दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन सरकार ने यह जानते हुए भी आंखें मूंद ली है कि वह महिला सुरक्षा के भी खिलाफ है:-”

यहां से संकेत मिला कि यह घटना पारिवारिक कलह और भूमि विवाद की हो सकती है। और अधिक पड़ताल करने पर इस वीडियो से संबंधित खबर हमें कोलकाता में प्रकाशित होने वाले प्रमुख समाचार पत्र द टेलीग्राफ पर मिली। 18 सितंबर की इस रिपोर्ट के अनुसार, मालदा में पारिवारिक विवाद में महिला और बच्चे की डंडों से पिटाई की गई। मालदा के एक गांव में 40 वर्षीय प्यारी बीबी और उलकी छह वर्षीय बेटी को पारिवारिक विवाद के चलते कथित तौर पर दिनदहाड़े कुछ लोगों के एक समूह ने पीटा। प्यारी बीबी और उनकी बेटी का मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एमएमसीएच) में इलाज चल रहा है। प्यारी के पति बाबुल शेख ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मालदा के मोथाबारी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत चांदीपुर गांव के निवासी बाबुल ने बताया कि कुछ गुंडे अवैध रूप से उनकी आवासीय जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। इस घटना में कोई भी सांप्रदायिक एंगल नहीं है। दोनों पक्ष मुस्लिम समुदाय से हैं। 

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