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Fact Check: जज से बहस करने वाले वकील का नाम गयासुद्दीन होने का दावा फर्जी, जानें दावे का सच

Wed, 25 Sep 2024 07:41 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Wed, 25 Sep 2024 07:41 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक कोर्ट रूम का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में जज वकील को फटकारते हुए नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वकील का नाम गयासुद्दीन है। 

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lawyer who argued with the judge was Gayasuddin is misleading
FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक हाइकोर्ट के अंदर बहस का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कार्यवाही के दौरान जज एक अधिवक्ता को फटकार लगाते हुए नजर आ रहे हैं। साथ जज कहते हुए नजर आते है “जरा भी उल्टी सीधी बहस की, यहीं से जेल भेज दूंगा, सारी वकालत खत्म हो जायेगी।” 
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क्या है दावा  
इस वीडियो को अब लोग सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। लोग वीडियो में दिख रहे अधिवक्ता का नाम गयासुद्दीन बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि जज साहब ने गयासुद्दीन को फटकार लगाई। जबलपुर हाईकोर्ट में बाबा बागेश्वर की कथा पर रोक लगाने के लिए जनहित याचिका दायर की गई थी। अधिवक्ता गयासुद्दीन ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं।
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सुमेर सिंह (@sumerkrishnia) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “ जज साहब ने गयासुद्दीन को रेल दिया, जबलपुर हाईकोर्ट में बाबा बागेश्वर की कथा पर रोक लगाने कि जनहित याचिका दायर कि अधिवक्ता गयासुद्दीन ने,कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं,गयासुद्दीन की अभद्रतापूर्ण भाषा शैली से माननीय न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल जी भड़क गए, और गयासुद्दीन को हिन्दी में कायदे से समझाया|
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खुलासा इंडिया (@KhulasaIndia) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करके लिखा “बिना पढ़े यदि अधिवक्ता कोर्ट में रिट दाखिल करेगा और उल्टी सीधी दलीलें देकर अपनी बात जबरन मनवाने का प्रयास करेगा तो उसकी दशा ऐसी हो सकती है, 
इसीलिए कहा गया है कि अल्प ज्ञान जानलेवा होता है…

जबलपुर हाईकोर्ट में बाबा बागेश्वर की कथा पर रोक लगाने की जनहित याचिका दायर कर अधिवक्ता गयासुद्दीन ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं, अधिवक्ता गयासुद्दीन की अभद्रतापूर्ण भाषा शैली से माननीय न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल जी भड़क गए और गयासुद्दीन को हिन्दी में फायदे से समझाया तो गयासुद्दीन ने सॉरी बोलकर माफी मांगा ||”
 

पड़ताल 
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां से हमें डेक्कन हेराल्ड की वेबसाइट पर वीडियो मिला। इस वीडियो को 2023 में प्रकाशित किया गया था। इस वीडियो में जब जज वकील का नाम पूछते हैं तो वो कहते है “जीएस उधे।” 

कानूनी मामलों से जुड़ी वेबसाइट बार एंड बेंच पर भी इस घटना के बारे में छापा था। यहां छपी खबर के अनुसार न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल, याचिकाकर्ता वकील जीएस उधे को "कदाचार" के लिए फटकार लगाते हुए दिखाई दे रहे थे। इस खबर में भी वकील का नाम जीएस उधे ही बताया गया है। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो याचिकाकर्ता वकील का नाम जीएस उधे हैं। हालांकि, लोग वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।


 
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