Fact Check: जज से बहस करने वाले वकील का नाम गयासुद्दीन होने का दावा फर्जी, जानें दावे का सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक कोर्ट रूम का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में जज वकील को फटकारते हुए नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वकील का नाम गयासुद्दीन है।
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विस्तार
क्या है दावा
इस वीडियो को अब लोग सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। लोग वीडियो में दिख रहे अधिवक्ता का नाम गयासुद्दीन बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि जज साहब ने गयासुद्दीन को फटकार लगाई। जबलपुर हाईकोर्ट में बाबा बागेश्वर की कथा पर रोक लगाने के लिए जनहित याचिका दायर की गई थी। अधिवक्ता गयासुद्दीन ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं।
सुमेर सिंह (@sumerkrishnia) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “ जज साहब ने गयासुद्दीन को रेल दिया, जबलपुर हाईकोर्ट में बाबा बागेश्वर की कथा पर रोक लगाने कि जनहित याचिका दायर कि अधिवक्ता गयासुद्दीन ने,कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं,गयासुद्दीन की अभद्रतापूर्ण भाषा शैली से माननीय न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल जी भड़क गए, और गयासुद्दीन को हिन्दी में कायदे से समझाया|
जज साहब ने गयासुद्दीन को रेल दिया
— Sumer Singh (@sumerkrishnia) September 20, 2024
जबलपुर हाईकोर्ट में बाबा बागेश्वर कि कथा पर रोक लगाने कि जनहित याचिका दायर कि अधिवक्ता गयासुद्दीन ने,कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से आदिवासी समुदाय कि भावनायें आहत होती हैं,गयासुद्दीन कि अभ्द्रतापूर्ण भाषाशैली से माननीय न्यायमूर्ति विवेक… pic.twitter.com/syeTo1e5Iu
खुलासा इंडिया (@KhulasaIndia) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करके लिखा “बिना पढ़े यदि अधिवक्ता कोर्ट में रिट दाखिल करेगा और उल्टी सीधी दलीलें देकर अपनी बात जबरन मनवाने का प्रयास करेगा तो उसकी दशा ऐसी हो सकती है,
इसीलिए कहा गया है कि अल्प ज्ञान जानलेवा होता है…
जबलपुर हाईकोर्ट में बाबा बागेश्वर की कथा पर रोक लगाने की जनहित याचिका दायर कर अधिवक्ता गयासुद्दीन ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं, अधिवक्ता गयासुद्दीन की अभद्रतापूर्ण भाषा शैली से माननीय न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल जी भड़क गए और गयासुद्दीन को हिन्दी में फायदे से समझाया तो गयासुद्दीन ने सॉरी बोलकर माफी मांगा ||”
#बिना पढ़े यदि अधिवक्ता कोर्ट में रिट दाखिल करेगा और उल्टी सीधी दलीलें देकर अपनी बात जबरन मनवाने का प्रयास करेगा तो उसकी दशा ऐसी हो सकती है, इसीलिए कहा गया है कि अल्प ज्ञान जानलेवा होता है...#जबलपुर हाईकोर्ट में बाबा बागेश्वर की कथा पर रोक लगाने की जनहित याचिका दायर कर अधिवक्ता… pic.twitter.com/RkYreJ9tkd
— khulasa India (@KhulasaIndia) September 21, 2024
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां से हमें डेक्कन हेराल्ड की वेबसाइट पर वीडियो मिला। इस वीडियो को 2023 में प्रकाशित किया गया था। इस वीडियो में जब जज वकील का नाम पूछते हैं तो वो कहते है “जीएस उधे।”
कानूनी मामलों से जुड़ी वेबसाइट बार एंड बेंच पर भी इस घटना के बारे में छापा था। यहां छपी खबर के अनुसार न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल, याचिकाकर्ता वकील जीएस उधे को "कदाचार" के लिए फटकार लगाते हुए दिखाई दे रहे थे। इस खबर में भी वकील का नाम जीएस उधे ही बताया गया है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो याचिकाकर्ता वकील का नाम जीएस उधे हैं। हालांकि, लोग वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।