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Fact Check: ईरान में अमेरिकी झंडा जलाने की सात साल पुरानी घटना को इस्राइल संघर्ष से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Sun, 22 Jun 2025 01:31 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Sun, 22 Jun 2025 01:31 AM IST
सार

Fact Check: एक वीडियो में कुछ लोग अमेरिका का झंडा जला रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ईरान के संसदों ने हाल ही में अमेरिकी झंडे को जलाया है। हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत निकला है। 

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Iranian parliamentarians burn American flag, seven-year-old incident is being shared as recent
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ईरान और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष के दौरान एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग अमेरिका के झंडे को जला रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि हाल ही में ईरान की संसद में अमेरिका के झंडा को जलाया गया है। इसके साथ ही परमाणु बम हमले की धमकी दी गई है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावा को गलत पाया है। हमने पाया है कि वायरल वीडियो 2018 का है। दरअसल, उस वक्त अमेरिका ने ईरान के साथ परमाणु समझौता को रद्द कर दिया था। इस वजह से ईरान के सांसदों ने अमेरिका के झंडे को जलाया था।

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क्या है दावा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इस्राइल से चल रहे संघर्ष के बीच ईरान की संसद में अमेरिकी झंडा को जलाया है।
शुभम शुक्ला (@ShubhamShuklaMP) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “ईरान की संसद में सांसदों ने अमेरिका के झंडे को जलाया और अमेरिका हो बर्बाद के नारे लगाए। सिर्फ़ इतना ही नहीं दावा तो ये भी है कि अमेरिका पर परमाणु बम दागने की धमकी दी गई। लेकिन ईरान के पास अभी कोई परमाणु हथियार नहीं है। फिर?” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

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इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।


पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें द सन की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट 9 मई 2018 को प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प के परमाणु समझौते से बाहर निकलने के बाद ईरानी राजनेताओं ने संसद में अमेरिकी झंडे जलाते हुए "अमेरिका मुर्दाबाद" के नारे लगाए। इस बीच एक प्रमुख ईरानी सांसद ने चेतावनी दी कि मंत्री देश के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर खर्च बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर ईरान की संसदीय समिति के प्रमुख अलाउद्दीन बोरूजेर्डी ने यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा परमाणु संधि तोड़ने के बाद की। उन्होंने कहा "अमेरिका के निर्णय से ईरान के मिसाइल कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं आएगा।"

इसके बाद हमें बीबीसी की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 9 मई 2018 को प्रकाशित हुई है। इस रिपोर्ट में भी वीडियो साझा कर बताया गया है कि अमेरिकी राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप के परमाणु समझौता रद्द करने के बाद से ईरानी सांसदों ने संसद में अमेरिका के झंडे को जलाया। इसके साथ ही परमाणु समझौते की प्रतीकात्मक प्रति भी जलाई और अमेरिका मुर्दाबाद का नारा भी लगाया।

आगे की पड़ताल में हमें द गार्जियन की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट 9 मई 2018 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में वायरल वीडियो को शेयर कर बताया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने 2015 के परमाणु समझौते से अमेरिका को एकतरफा बाहर निकालने के डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने इसे "हास्यास्पद और उथला" बताया है, वही कट्टरपंथी अमेरिका के बाहर निकलने पर खुश हैं। 

इसके साथ ही हमने ईरान की ओर से अमेरिका को परमाणु धमकी देने की पड़ताल किया। इससे संबंधित हमें कोई अधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली।

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक पाया है। यह वीडियो सात साल पुराना 2018 का है, जिसे हाल ही की घटना बताकर शेयर किया जा रहा है। 

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