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Fact Check: गंभीर रूप से घायल लड़के को हमास का आतंकी बताए जाने का दावा भ्रामक, पढ़ें पड़ताल

Sat, 16 Nov 2024 12:23 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 16 Nov 2024 12:23 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है जिसमें एक लड़के के दोनों हाथ कटे हुए है। दावा किया जा रहा है कि ये हमास का आतंकी है। 

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injured boy with chopped hands is a Hamas terrorist is misleading
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर किया जा रहा है। फोटो में एक लड़का दिख रहा है जिसके हाथ कटे हुए है और उस पर पट्टी बंधी हुई है। तस्वीर में दिख रहा है कि लड़के के पेट में भी पट्टी बंधी हुई है। 
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क्या है दावा  

इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह आतंकवादी है जिसने इजराइल पर किए आतंकवादी हमले में मारे गए बच्चों के मांस को पका कर खा लिया। सजा के तौर पर इजराइल की सेना ने इसके दोनों हाथ काटकर, एक किडनी निकालकर छोड़ दिया। 
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कविता मिश्रा  (@Kavi_Jaihind) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “इस  हमास, गाजा, फिलिस्तीन के तुर्क आतंकवादी का नाम मोहम्मद महरूफ हैं।इस आतंकवादी का नाम मोहम्मद महरूफ हैं। इसने पिछले 7 अक्टूबर 2023  को इजराइल पर किए आतंकवादी हमले में छोटे छोटे बच्चों की बोटियां  काटकर मांस को भट्ठियों में पका कर खा गया था ! इजराइल की सेना ने  इसको जान से नहीं मारा बल्कि उसके दोनों हाथ काटकर, एक किडनी निकालकर इसको जिंदा छोड़ दिया। अब बाकी आतंकियों को इससे सबक लेना चाहिए।”
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त्रिशूल अचूक (@TriShool_Achuk) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “उपरोक्त हमास, गाजा, फिलिस्तीन के तुर्क के इस आतंकवादी का नाम मोहम्मद महरूफ हैं!  उसने पिछले ७ अक्टूबर २०२४ को इजराइल पर किए आतंकवादी हमले में छोटे-छोटे बच्चों को टुकड़ों में काट कर मांस को भट्ठियों में पका कर खा गया था ! इजराइल ने इसको जान से नहीं मारा बल्कि इसके दोनों हाथ काटकर इसको जिन्दा छोड़ दिया ताकि दूसरे आतंकवादी और गाजा की सारी तुर्क जनता इससे सबक सीख सकें। 
 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स  इमेज पर सर्च किया। यहां हमें फोटो वेबसाइट अलामी पर इस लड़के के कई सारे फोटो मिले। इस फोटो को 31 अगस्त 2024 को पोस्ट किया गया था। इस फोटो के साथ कैप्शन लिखा गया था “फिलिस्तीनी किशोर, दिया अल-अदिनी, जो एक अपार्टमेंट को निशाना बनाकर किए गए इजरायली सेना के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसने 02 सितंबर, 2024 को गाजा के देयर अल बलाह में अपने दोनों हाथ खो दिए। अस्पतालों में चिकित्सा की कमी के कारण घायलों को जीवित रखने के लिए डॉक्टरों को कई रोगियों के अंग काटने पड़ रहे हैं। अपनी बहन अया की मदद से जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की कोशिश करते हुए, अल-अदिनी उस दिन का सपना देखता है जब उसे एक नकली हाथ मिलेगा।

हमने आगे कीवर्ड के माध्यम से इस खबर को सर्च किया तो हमें रॉयटर्स पर ये खबर मिली। इस खबर में बताया गया था कि  दिया अल-अदिनी उन कुछ फलस्तीनियों में से थे, जिन्हें युद्धग्रस्त गाजा में एक अस्पताल मिला, जब वे इजरायली हमले में घायल हो गए थे।लेकिन डॉक्टरों द्वारा उनकी दोनों भुजाएं काटनी पड़ी थी। 

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में ये साफ है कि फोटो में दिख रहा लड़का आतंकवादी नहीं है। इसका नाम मोहम्मद महरुफ नहीं बल्कि दिया अल-अदिनी है। 

 
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