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Fact Check: असम में अवैध नहीं बल्कि उच्च न्यायालय के आदेश पर गिराए गए अवैध ढांचे, जानें सच

Wed, 25 Sep 2024 07:09 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Wed, 25 Sep 2024 07:09 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक मस्जिद को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि मस्जिद को अवैध रूप से गिराया जा रहा है। 

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Illegal structures in Assam were demolished on the orders of the High Court
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है वीडियो में एक बुलडोजर दिख रहा है जो एक मस्जिद नुमा ढांचे को गिराते हुए नजर आ रहा है। वीडियो को असम का बताया जा रहा है। 
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क्या है दावा 
वीडियो को शेयर करके इसे असम के गोलपाड़ा का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि  मस्जिद, दरगाह, मदरसा और 2000 परिवारों के घरों को अवैध बताते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया गया।
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मुस्लिम (@TheMuslim786) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “लोकेशन : गोलपाड़ा,असम, मस्जिद, दरगाह, मदरसा और 2000 परिवारों के घरों को अवैध बताते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया गया ।”
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फुरकान शाह (@Furkans61386002) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “लोकेशन : गोलपाड़ा,असम, मस्जिद, दरगाह, मदरसा और 2000 परिवारों के घरों को अवैध बताते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया गया ।”
पड़ताल 
वीडियो का पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। वहां से हमें न्यूज़ लाइव के यूट्यूब चैनल पर ये वीडियो मिला। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया था “ग्वालपाड़ा के बंदरमाथा अभ्यारण्य में भी बुलडोजर चल रहे हैं”

इसके बाद हमने इस वीडियो और खबर के जुड़े कीवर्ड को सर्च करना शुरू किया। यहां हमें हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर मिली। न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से बताया गया कि “असम के ग्वालपाड़ा जिले में बंदरमाथा रिजर्व वन के एक हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले लगभग 450 परिवारों को हटा दिया गया। ग्वालपाड़ा प्रभागीय वन अधिकारी तेजस मारिस्वामी के अनुसार इस महीने की शुरुआत में अवैध रूप से आरक्षित वन क्षेत्र पर रह रहे लोगों को वहां से जाने के लिए नोटिस दे दिया गया था। 

वहां लगभग 2,000 लोगों ने 55 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण कर लिया था। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सोमवार को इलाके में बने कई अवैध ढांचों, जिनमें घर, मस्जिद और दूसरी इमारतें को गिरा दिया गया। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि ढांचे को अवैध रूप से नहीं गिराया गया है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ये अतिक्रमण हटाए गए।
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