Fact Check: महाकुंभ में आए आईआईटियन बाबा को बताया जा रहा ISI के लिए जासूसी करने वाला इंजीनियर, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: महाकुंभ में अभय सिंह नाम के एक व्यक्ति आईआईटी वाले बाबा के नाम से जाने जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर इनके कई वीडियो वायरल हैं। दावा किया जा रहा है कि ये ISI के लिए जासूसी करने के आरोपी पूर्व ब्रह्मोस इंजीनियर हैं। PTI ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट काफी वायरल है, जिसमें एक न्यूज रिपोर्टर एक व्यक्ति से बात करते दिख रहे हैं। यूजर्स का दावा है कि इस व्यक्ति का नाम निशांत अग्रवाल है, जो आईआईटी रोपड़ के पूर्व छात्र और ब्रह्मोस एयरोस्पेस में इंजीनियर थे। यूजर्स का यह भी कहना है कि इस शख्स को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) के लिए जासूसी करने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। जांच में पता चला कि तस्वीर में दिख रहा यह व्यक्ति आईआईटी बॉम्बे का पूर्व छात्र अभय सिंह है, निशांत अग्रवाल नहीं। अभय सिंह, महाकुंभ मेले में सुर्खियों में हैं और ‘आईआईटीयन बाबा’ के नाम से मशहूर हैं।
क्या है दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने रिपोर्टर से बात कर रहे एक व्यक्ति की तस्वीर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “यह आईआईटी-रोपड़ के पूर्व छात्र निशांत अग्रवाल हैं, जो ब्रह्मोस में इंजीनियर बने और बाद में आईएसआई के लिए जासूसी करते पकड़े गए और इसे उम्रकैद की सजा हुई।”
इस पोस्ट को अब तक 1.23 लाख से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है और कई यूजर इसे सच मानकर लाइक कमेंट और शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल
दावे की पुष्टि के लिए डेस्क ने वायरल स्क्रीनशॉट को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स सर्च किया। इस दौरान पीटीआई को‘न्यूज 18 (उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड)’ के यूट्यूब चैनल पर 12 जनवरी 2025 को अपलोड हुआ एक वीडियो मिला। वीडियो के शीर्षक में लिखा था, “महाकुंभ 2025 : लाखों का पैकेज छोड़ बने संन्यासी, आईआईटी वाले बाबा के जादू करते ही रिपोर्टर हुआ..!”
डेस्क ने वीडियो को ध्यान से देखा और पाया कि वीडियो में दिख रहे इस शख्स ने अपना नाम अभय सिंह बताया और दावा किया कि उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में चार साल तक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर उनका रुझान कला की और गया और उन्होंने डिजाइन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
पत्रकार से बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उनका जन्म हरियाणा में हुआ है। पढ़ाई के बाद उन्होंने फोटोग्राफी की और फिर अध्यात्म का रास्ता चुना। पूरा वीडियो यहां देखें।
चूंकि वायरल पोस्ट में निशांत अग्रवाल नाम के व्यक्ति का जिक्र था, इसलिए डेस्क ने ‘संबंधित कीवर्ड’ की मदद से गूगल पर उनके बारे में सर्च किया। इस दौरान हमें 'हिंदुस्तान टाइम्स' की वेबसाइट पर 3 जून 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली।
इसमें बताया गया कि निशांत अग्रवाल ब्रह्मोस एयरोस्पेस के इंजीनियर थे और उन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) के लिए जासूसी करने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि निशांत ‘आईआईटी रोपड़’ का नहीं बल्कि ‘एनआईटी कुरुक्षेत्र’ का छात्र था। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
जांच के अगले चरण में डेस्क ने ‘आईआईटियन बाबा’ की तस्वीर की तुलना निशांत अग्रवाल की तस्वीर से की। तुलना से यह पुष्टि हुई कि दोनों अलग-अलग व्यक्ति हैं। दोनों की तुलना का स्क्रीनशॉट यहां देखें।
जांच के दौरान डेस्क को वायरल पोस्ट शेयर करने वाले यूजर के प्रोफाइल पर एक और पोस्ट मिला, जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका पिछला पोस्ट एक ट्वीट के जवाब में था, जिसमें एक यूजर ने आईआईटीएन के बाबा बनने का जिक्र किया था। पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
जांच के अंत में, डेस्क ने ‘आईआईटी बॉम्बे’ के जनसंपर्क विभाग से संपर्क किया और अभय सिंह के संस्थान के पूर्व छात्र होने के दावे की पुष्टि की। संस्थान की जनसंपर्क अधिकारी फाल्गुनी बनर्जी ने पीटीआई को बताया कि अभय सिंह ने 2008-2012 तक आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
पड़ताल का नतीजा
हमारी अब तक की जांच से यह स्पष्ट है कि वायरल पोस्ट में दिख रहा यह शख्स आईआईटी बॉम्बे का पूर्व छात्र अभय सिंह है, निशांत अग्रवाल नहीं। यूजर्स, अभय सिंह उर्फ ‘आईआईटीयन बाबा’ को गलत तरीके से निशांत अग्रवाल के रूप में पेश कर रहे हैं।
(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)