Fact Check: तिहाड़ जेल के बाहर ‘केजरीवाल आयेंगे’ की होर्डिंग लगाए जाने का दावा गलत, पड़ताल में जानें सच
Fact Check: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की एक तस्वीर के साथ तिहाड़ जेल के बाहर लगा हुआ एक कथित होर्डिंग शेयर हो रहा है। जिस पर लिखा है केजरीवाल आएंगे। PTI ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की एक तस्वीर के साथ तिहाड़ जेल के बाहर लगा हुआ एक कथित होर्डिंग शेयर हो रहा है। इस होर्डिंग पर लिखा गया है "केजरीवाल आयेंगे" यूजर्स इस फोटो को हाल-फिलहाल का बताकर शेयर कर रहे हैं।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में यह दावा फर्जी साबित हुआ है। जांच में पता चला कि तिहाड़ जेल के गेट नबंर 1 के बाहर ऐसी कोई होर्डिंग नहीं लगाई गईं थी। सोशल मीडिया पर शेयर की गईं तस्वीर एडिटेड है।
दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने 7 जनवरी 2025 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा,“केजरीवाल आयेंगे, चूंकि दिल्ली में विधानसभा चुनावी साल है तो राजनीति पारा हाई है और इसे विधूड़ी ने गर्म किया है। तो वही, तीनों राजनीतिक दल पोस्टर्स वॉर में लगे पड़े है। आम आदमी पार्टी सत्तारूढ़ है तो उन्होंने पहले प्रचार प्रसार शुरू कर दिया और पोस्टर्स लगा दिए। केजरीवाल लाएंगे।विपक्षी राजनीतिक दलों ने भी क्रिएटिविटी का जौहर दिखलाते हुए, प्रतिउत्तर में तिहाड़ जेल के बाहर पोस्टर चिपका दिया है कि केजरीवाल आयेंगे।” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
वहीं, एक अन्य यूजर ने 6 जनवरी को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “तिहाड जेल के बाहर बैनर देखा गया है ज़िसमें लिखा हुआ है..!"फिर आयेंगे केजरीवाल" पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
दरअसल,चर्चित शराब घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 13 सितंबर 2024 को जमानत मिली थी। केजरीवाल 177 दिन के बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए थे। रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
वहीं, 7 जनवरी 2025 को चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया; जिसके बाद से सोशल मीडिया यूजर्स उन पर तंज कंसते हुए तस्वीर को शेयर कर रहे हैं।
पड़ताल
दावे की सचाई जानने के लिए डेस्क ने वायरल तस्वीर को गूगल लेंस के जरिए रिवर्स इमेज सर्च किया। जहां हमें इंडिया टीवी की हिंदी वेबसाइट पर 11 मई 2023 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। यहां पर वायरल हो रही तस्वीर की फाइल फोटो मौजूद थी। इसमें वायरल पोस्ट में नजर आ रही केजरीवाल की होर्डिंग को छोड़कर सब-कुछ समान था। खबर का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
जिसको देखने के बाद साफतौर पर कहा जा सकता है, यूजर्स तिहाड़ जेल की फाइल फोटो को एडिट करके वायरल कर रहे है। नीचे देखिए रियल और एडिटेड फोटो।
पड़ताल के अगले क्रम में पीटीआई को ZEE NEWS और TV9 न्यूज की वेबसाइट पर समान फाइल फोटो के साथ प्रकाशित खबरें मिली। इन सब में वायरल पोस्ट में नजर आ रही केजरीवाल की होर्डिंग को छोड़कर सब-कुछ समान था। रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां,यहां देखें।
पड़ताल जारी रखते हुए पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क से गौरव ललित खुद ग्राउंड पर पहुंचे और जिस गेट नंबर 1 पर वायरल पोस्ट में लगी होर्डिंग की बात कही जा रही है। उस जगह की अच्छे से तफ्तीश (जांच-पड़ताल) की,लेकिन पाया कि असल में गेट नंबर 1 पर ऐसी कोई भी होर्डिंग नहीं लगी थी, जैसा कि वायरल पोस्ट में दिखाया गया है।
गेट नंबर 1 पर काफी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है, ऐसे में वहां होर्डिंग लगाना मुश्किल है। नीचे लगी हुई तस्वीर आज यानि 8 जनवरी 2025 के तिहाड़ जेल के गेट नंबर 1 की है।
गौरव ने तिहाड़ जेल के आस-पास की दुकान वालों से जब इस होर्डिंग के लगे होने के दावे की सच्चाई जानने की बात की, तो ये बताया गया कि गेट नबंर 1 पर ऐसी कोई भी होर्डिंग नहीं लगी थी। पीटीआई की पड़ताल में यह स्पष्ट हो गया है, तिहाड़ जेल के गेट पर केजरीवाल की कोई भी होर्डिंग नहीं लगी हुईं है। इंटरनेट यूजर्स फाइल फोटो को ए़डिट कर गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।
पड़ताल का नतीजा
पीटीआई की पड़ताल में यह स्पष्ट हो गया है, तिहाड़ जेल के गेट पर केजरीवाल की कोई भी होर्डिंग नहीं लगी हुईं है। इंटरनेट यूजर्स फाइल फोटो को ए़डिट कर गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।
(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)