Fact Check: प्रधानमंत्री मोदी का अधूरा बयान मराठा समुदाय से जोड़कर वायरल, यहां पढ़ें पड़ताल
Fact Check: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि उन्होंने मराठा समुदाय के खिलाफ बोला। द क्विंट ने अपनी जांच में बताया कि पीएम के भाषण का अधूरा हिस्सा मराठा समुदाय के साथ जोड़कर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
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विस्तार
इस समय लोकसभा के चुनाव चल रहे हैं। अब तक चार दौर का मतदान हो चुका है जबकि बाकी बचे तीन दौरे का मतदान 20 मई से 1 जून के बीच होगा। उधर तमाम दल अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी सभाएं और रोड शो कर रहे हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि उन्होंने मराठा समुदाय के खिलाफ बोला और उन्हें 'लुटेरा' कहा।
वीडियो के बारे में: 28 सेकेंड लंबे वीडियो में, पीएम मोदी को ये कहते सुना जा सकता है, "आप मुझे बताइए, क्या इस तरह का खेल आपको मंजूर है? पिछले दरवाजे से ओबीसी का आरक्षण लूट लिया जाए, क्या आपको मंजूर है? पूरी ताकत से बताओ कि आपको मंजूर है कि नहीं? यही काम ये लोग देश और राज्यों में करना चाहते हैं।"
पोस्ट का अर्काइव यहां देखें
सोर्स : स्क्रीनशॉट/X
द क्विंट को इस वायरल वीडियो से संबंधित सवाल द क्विंट की वॉट्सऐप टिपलाइन पर भी मिले। आप इसी तरह के दूसरे पोस्ट के आर्काइव यहां, यहां और यहां देख सकते हैं।
क्या ये दावा सच है?: नहीं, पीएम मोदी के इस वीडियो को एडिट कर बयानों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनके भाषण के लंबे वर्जन में उन्हें कर्नाटक में मुसलमानों को दिए गए ओबीसी आरक्षण का जिक्र करते हुए देखा जा सकता है।
द क्विंट को सच्चाई के बारे में कैसे पता चला?: द क्विंट ने "पीएम मोदी महाराष्ट्र भाषण" शब्दों को यूट्यूब पर सर्च किया।
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इससे द क्विंट को ऐसा वीडियो मिला, जिसमें पीएम मोदी ने एकदम वही कपड़े पहने हुए हैं, जो उन्होंने वायरल क्लिप में पहने हैं।
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इस वीडियो को उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 7 मई को पब्लिश किया गया था, जिसका टाइटल था, "पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के बीड में जनसभा को संबोधित किया।"
अपने भाषण में, उन्हें INDIA गठबंधन पर निशाना साधते और एनडीए के लिए समर्थन जुटाते देखा गया। -
वीडियो में करीब 13:42 मिनट पर, पीएम मोदी कहते हैं, "आप भी जानते हैं, बाबासाहेब अंबेडकर ने दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को आरक्षण का अधिकार दिया था। बाबासाहेब ने इस बात का भी पुरजोर विरोध किया था कि भारत में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। आज से 75 साल पहले, पूरी संविधान सभा ने लंबी चर्चा कर के तय किया था कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता।"
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पीएम मोदी आगे कहते हैं, "लेकिन, कांग्रेस पार्टी दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों का आरक्षण छीन कर उसे धर्म के आधार पर देना चाहती है।" यहीं पर वो कर्नाटक का उदाहरण देते हैं।
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। वहीं ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण मिला हुआ है। इन्होंने (कांग्रेस ने) क्या किया? रातोंरात, उन्होंने आदेश निकाल कर कर्नाटक में मुसलमानों को ओबीसी घोषित कर दिया। परिणाम क्या हुआ? ओबीसी समुदाय को बाबासाहेब अंबेडकर, संविधान और संसद ने जो 27 फीसदी आरक्षण दिया था, रातोंरात मुसलमानों को ओबीसी बना कर उन्हें भी इसमें शामिल कर दिया गया। उन्होंने ओबीसी से इसे लूट लिया। पहले ओबीसी को जो लाभ मिलता था, उसका एक बड़ा हिस्सा मुसलमानों को दे दिया गया।"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
यहीं पर पीएम मोदी को ये कहते सुना जा सकता है, "मुझे बताइए, क्या इस प्रकार का खेल आपको मंजूर है? पिछले दरवाजे से ओबीसी का आरक्षण लूट लिया जाए, क्या आपको मंजूर है? पूरी ताकत से बताओ कि आपको मंजूर है कि नहीं? यही काम ये लोग देश और राज्यों में करना चाहते हैं।"
X प्लेटफॉर्म पर बीजेपी के आधिकारिक अकाउंट ने भी पीएम मोदी के भाषण के उस भाग को पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने मुसलमानों को आरक्षण देने पर कांग्रेस पर निशाना साधा है।
In Karnataka, the OBC has 27% reservation. The Congress Govt. issued an order declaring all Muslims OBC in Karnataka overnight. As a result, they took away what the OBCs were entitled to as per the Constitution.
— BJP (@BJP4India) May 7, 2024
Would you approve of this act of Congress?
Now, they want to apply… pic.twitter.com/d895HZvb2d
निष्कर्ष: पीएम मोदी के भाषण का अधूरा हिस्सा मराठा समुदाय के साथ जोड़कर गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
(This story was originally published by The Quint as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)