फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check Old Video of Murshidabad Violence Shared Incident Occurring After Bengal Election Results

Fact Check: मुर्शिदाबाद हिंसा के पुराने वीडियो को बंगाल चुनाव नतीजे के बाद की घटना बताकर किया जा रहा शेयर

Mon, 11 May 2026 06:22 PM IST
Sandhya Kumari फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Mon, 11 May 2026 06:22 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। हिंसा के इस वीडियो को पश्चिम बंगाल में चुनाव के नताजे आने के बाद की बताया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

विज्ञापन
Fact Check Old Video of Murshidabad Violence Shared Incident Occurring After Bengal Election Results
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में भीड़ तोड़फोड़ करती हुई नजर आ रही है। लोगों के हाथ में डंडे और भगवा रंग के झंडे दिख रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि घटना बंगाल में चुनाव के बाद की है और बंगाल चुनाव में जीत के बाद भाजपा समर्थक तोड़फोड़ कर रहे हैं।

विज्ञापन

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच में सामने आया कि यह वीडियो बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी के दिन हुई हिंसा का है। इस वीडियो का बंगाल में चुनाव के बाद हुई किसी भी घटना से कोई संबंध नहीं है। 

विज्ञापन

क्या है दावा  

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा देखने को मिली। जहां भाजपा समर्थकों ने तोड़फोड़ की है। 

मकतूब (@MaktoobMedia) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की खबरें, भाजपा कार्यकर्ताओं पर टीएमसी दफ्तरों को निशाना बनाने का आरोप, जीत के बाद, पूरे पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं सामने आईं। आरोप है कि भाजपा सदस्यों ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों में तोड़फोड़ की, जिसमें पार्टी के दफ्तरों में आग लगाना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और कई इलाकों में तनाव पैदा करना शामिल है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें एक यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो को चैनल पर 26 मार्च 2026 को प्रकाशित किया गया था। इस चैनल पर वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “मुर्शिदाबाद में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान झड़पें, दुकानें फूंकी गईं; तनाव बढ़ा” 

 

 

आगे हमें एक फेसबुक चैनल पर यह वीडियो प्रकाशित मिला। इस वीडियो को यहां 28 मार्च को शेयर किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “मुर्शिदाबाद में राम नवमी के उत्सव के दौरान, हिंदुत्ववादी भीड़ ने मुसलमानों की दुकानों में तोड़फोड़ की, लूटपाट की और आग लगा दी। यह बंगाल की शांति और सांप्रदायिक संतुलन को बिगाड़ने के लिए रची गई एक सुनियोजित हिंसा है। कितनी समाचार एजेंसियां और न्यूज़ चैनल इसे दिखा रहे हैं? कितने न्यूज़ एंकर इस पर चर्चा कर रहे हैं और इसकी निंदा कर रहे हैं?” 

 



आगे हमने इस घटना को कीवर्ड के माध्यम से सर्च किया। साथ ही अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें 27 मार्च 2026 की रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में दो गुटों में हिंसक झड़प के बारे में बताया गया था। खबर में बताया गया था कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर और रघुनाथगंज में शुक्रवार को रामनवमी के जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच झड़प हो गई, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुकानों में लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई हैं। वहीं कई लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है।
 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो मार्च से इंटरनेट पर मौजूद है। बंगाल चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आए थे। यह वीडियो नतीजे आने से पहले ही इंटरनेट पर मौजूद था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed