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Fact Check: अमेरिका की आठ साल पुरानी तस्वीर को अभी का बताकर किया जा शेयर, पढ़ें पड़ताल

Fri, 16 Jan 2026 06:27 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 16 Jan 2026 06:27 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अमेरिका में लोग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

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Fact Check: Eight-year-old photo from America being shared as recent, read the full investigation
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में सड़क पर लोगों की भीड़ नजर आ रही है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर करीब आठ साल पुरानी है।

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। 

सलमान खान गौरी (@khansalman88177) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ”डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ अमेरिका में आज एक बहुत बड़ा विरोध प्रदर्शन हो रहा है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

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इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

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पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें द मर्करी न्यूज की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 6 अप्रैल 2018 को प्रकाशित की गई है। यहां हमें वायरल तस्वीर देखने को मिली। इसके साथ ही यहां लिखा है कि यह तस्वीर 24 मार्च, 2018 की है, जिसमें वाशिंगटन में बंदूक नियंत्रण के समर्थन में आयोजित "मार्च फॉर अवर लाइव्स" रैली के दौरान पेंसिल्वेनिया एवेन्यू पर भारी भीड़ दिखाई दे रही है। शुक्रवार, 30 मार्च, 2018 को एसोसिएटेड प्रेस ने पाया कि इंटरनेट पर प्रसारित हो रही वे खबरें झूठी हैं जिनमें कहा गया था कि उदारवादी अरबपति जॉर्ज सोरोस और उनके संस्थानों ने प्रदर्शनकारियों को 300 डॉलर प्रति व्यक्ति का भुगतान किया था। 

 

आगे की पड़ताल में हमें द हिंदू की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 25 मार्च 2018 को प्रकाशित की गई है। यहां हमें वायरल तस्वीर देखने को मिली। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले महीने फ्लोरिडा के स्कूल में हुए नरसंहार के पीड़ितों के नेतृत्व में, जिसमें सामूहिक गोलीबारी को लेकर जनता के गुस्से को फिर से भड़का दिया था, शनिवार को देश भर में हजारों अमेरिकी 'मार्च फॉर अवर लाइव्स' रैलियों में सख्त बंदूक कानूनों की मांग को लेकर एकत्रित हुए। इन विरोध प्रदर्शनों का उद्देश्य उस विधायी गतिरोध को तोड़ना है जिसने एक ऐसे राष्ट्र में हथियार की बिक्री पर प्रतिबंध बढ़ाने के प्रयासों को लंबे समय से बाधित किया है, जहां स्कूलों और कॉलेजों में सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं भयावह रूप से अक्सर होती रहती हैं।

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को आठ साल पुराना पाया है। तस्वीर अमेरिका के गन कल्चर के खिलाफ प्रदर्शन की है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। 

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