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Fact Check: कर्नाटक में पुतला जलाते कांग्रेसियों की लुंगी में आग लगने का दावा गलत, यहां जानें सच

Mon, 06 May 2024 05:16 PM IST
शिवेंद्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र Updated Mon, 06 May 2024 05:16 PM IST
सार

Fact Check: एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा जा रहा है कि कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाते कांग्रेसियों की लुंगी में आग लग गई। न्यूजचेकर ने अपनी पड़ताल में बताया कि करीब 12 साल पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

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Fact Check: Claim of lungi of Congressmen burning effigy in Karnataka catching fire is false
fact check - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें कुछ लोग पुतला जलाते हुए दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा जा रहा है कि कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाते कांग्रेसियों की लुंगी में आग लग गई। इस वीडियो में ‘लुंगी डांस’ गाने का एक ऑडियो भी जोड़ा गया है। दावे की पड़ताल के लिए न्यूजचेकर ने वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च की मदद से ढूंढना शुरू किया।

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पीएम मोदी

कीफ्रेम के साथ कुछ कीवर्ड्स को गूगल सर्च करने पर न्यूजचेकर को 30 दिसंबर 2015 को आजतक द्वारा प्रकाशित एक खबर प्राप्त हुई। इस खबर में बताया गया है कि पुतला जलाते वक्त तमिलनाडु में AIDMK के कार्यकर्ताओं की लुंगी में आग लग गई थी। हालांकि, यह वह वीडियो नहीं है जो अभी वायरल हो रहा है।

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कुछ कीवर्ड्स को गूगल सर्च करने पर न्यूजचेकर को 5 जुलाई 2012 को Asianetnews के यूट्यूब चैनल पर मलयालम भाषा में अपलोड की गई एक वीडियो रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वीडियो में बताया गया है कि यह घटना केरल के पथानामथिट्टा की है, जहां केएसयू (केरल स्टूडेंट यूनियन) के कार्यकर्ता एमजी विश्वविद्यालय के वीसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। चांसलर का पुतला फूंकने के समय एक व्यक्ति ने उस वक्त आग लगा दी, जब एक दूसरा कार्यकर्ता पुतले पर पेट्रोल डाल रहा था। इसके चलते कुछ कार्यकर्ताओं के कपड़ों में आग लग गई। बतौर रिपोर्ट, इस घटना में दो कार्यकर्ता जख्मी हो गए थे।

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केएसयू के बारे में जानने के लिए न्यूजचेकर ने कुछ कीवर्ड्स को गूगल सर्च किया। इस दौरान न्यूजचेकर को केएसयू की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी से पता चला कि यह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का राज्य में स्टूडेंट यूनियन है।

पड़ताल के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो कर्नाटक का नहीं, बल्कि केरल का है, जहां केएसयू के कार्यकर्ताओं ने एमजी विश्वविद्यालय के चांसलर के खिलाफ प्रदर्शन किया था। करीब 12 साल पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

(This story was originally published by Newschecker as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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