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Fact Check: ढाका के पुराने वीडियो को दीपू चंद्र दास का आखिरी वीडियो बताकर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

Tue, 23 Dec 2025 07:40 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 23 Dec 2025 07:40 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि दीपू चंद्र दास का आखिरी वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रोता और बिलखता नजर आ रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।  

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Fact Check An old video from Dhaka ishared with the claim that it is the last video of Dipu Chandra Das
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी के मौत के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की ईशनिंदा के आरोप में मॉब लिंचिंग (भीड़ के द्वारा हत्या) कर दी गई। इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में एक आदमी रोते हुए नजर आ रहा है। उसे पुलिस ने पकड़ा हुआ है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह दीपू चंद्र दास का आखिरी वीडियो है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि यह वीडियो हाल ही में हुई घटना से संबंधित नहीं है। उस्मान हादी की मौत की घोषणा 18 दिसंबर को हुई थी। इसके बाद बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, लेकिन वायरल हो रहा वीडियो नवंबर से इंटरनेट पर मौजूद है। 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिग होने से पहले का है। 

भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तेजेंद्र पाल बग्गा ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “दीपू चंद्र दास रोता रहा। वह गिड़गिड़ाता रहा। लेकिन बांग्लादेश पुलिस ने उसे कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ के हाथों मरने के लिए सौंप दिया। दीपू बार-बार कहता रहा, सर, मैं बेगुनाह हूँ। सर, मैंने कुछ गलत नहीं किया है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

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इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो Bhorer Kagoj नाम के एक फेसबुक चैनल पर देखने को मिला। इस वीडियो को यहां 18 नवंबर को शेयर किया गया था। Bhorer Kagoj एक प्रमुख बंगाली भाषा का दैनिक समाचार पत्र है, जो ढाका, बांग्लादेश से प्रकाशित होता है।

इसके फेसबुक अकाउंट पर वीडियो को शेयर करके लिखा गया था “ढाका कॉलेज के इस छात्र को क्या हुआ?” 

 

 

आगे हमें ढाका टुडे नाम के एक यूट्यूब चैनल पर इससे संबंधित एक और वीडियो मिला। इस वीडियो को 18 नवंबर को दूसरे एंगल से शूट करके शेयर किया गया था। वीडियो में एक पुलिस अधिकारी लड़के से आराम से बात करते हुए नजर आ रहा है। इस वीडियो के कैप्शन में लिखा गया था “पुलिस की पिटाई के बाद ढाका कॉलेज का एक छात्र रोने लगा।” साथ ही हमें लड़के की पहनी हुई जर्सी दिखी। इस जर्सी में मोमिन नाम लिखा गया था। इससे यह संकेत मिलता है कि घटना दीपू चंद्र दास से संबंधित नहीं है। 

यहां एक तुलना दी गई है जिससे यह और भी स्पष्ट हो जाता है कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति दीपू चंद्र दास नहीं है। इसके साथ ही यह वीडियो 18 नवंबर से सोशल मीडिया पर मौजूद है। जबकि, दीपू चंद्र की हत्या दिसंबर में हुई है। 

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स दीपू चंद्र दास नहीं है। जिस वीडियो को दीपू चंद्र दास का आखिरी वीडियो बताकर शेयर किया जा रहा है वो 18 नवंबर 2025 से ही इंटरनेट पर मौजूद है। 

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