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Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check: A month-old video from Manipur is being shared as West Bengal

Fact Check: मणिपुर के एक महीने पुराने वीडियो को पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Sat, 11 Apr 2026 06:32 PM IST
Asmita Tripathi फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Sat, 11 Apr 2026 06:32 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है भारतीय सेना के जवानों टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

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विस्तार

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो में वायरल हो रहा है। वीडियो में लोगों की भारी भीड़ नजर आ रही है। इसके बाद सुरक्षाकर्मी भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल का है। इसमें भारतीय सेना के जवान टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस के गोले छोड़ रहे हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को झूठा पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो मणिपुर का है, जो एक महीने पुराना है। 

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क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना के जवान टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस के गोले बरसा रहे हैं। 

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आरती चावड़ा नाम  के फेसबुक यूजर ने लिखा,”टीएमसी वालों अब गुंडा गर्दी नहीं चलेगी , ये बंगाल पुलिस नहीं है जो तुम्हारी पूजा करती है। ये सेना है भारत की इलाज कर देगी।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।


इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें टीएमबी नाम के फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 11 मार्च 2026 को साझा किया गया है। यहां बताया गया है कि मणिपुर में जनगणना प्रक्रिया से पहले राष्ट्रीय सीमा गणना (एनआरसी) लागू करने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में कम से कम तीन लोग घायल हो गए। यह प्रदर्शन न्यायसंगत और निष्पक्ष परिसीमन (जेएफडी) और कई इमा लुप समूहों द्वारा आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी एनआरसी नहीं, जनगणना नहीं, स्वतंत्र आवागमन नहीं, जनगणना नहीं और पहले वर्तमान संकट का समाधान करें, फिर जनगणना जैसे नारों वाले बैनर लेकर जमा हुए थे। इन नारों में अवैध प्रवासियों की मौजूदगी और राज्य में चल रहे संकट को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी।

 

 

आगे की पड़ताल में इंडिया टुडे नॉर्थ इस्ट की रिपोर्ट मिली। यहां हमें वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 11 मार्च 2026 को प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बुधवार, 11 मार्च को इम्फाल में जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद कम से कम छह लोग घायल हो गए। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से इमा कीथेल की महिला विक्रेताओं और कई नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों द्वारा किया गया था। ये सभी लोग बाजार में इकट्ठा हुए और ‘एनआरसी नहीं, जनगणना नहीं’ और ‘वर्तमान संकट का समाधान पहले, जनगणना बाद में’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने मणिपुर विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया, जहां 12वीं मणिपुर विधानसभा का 7वां सत्र चल रहा था। उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने बाजार क्षेत्र के चारों ओर बैरिकेड्स लगा दिए और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए।

 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को मणिपुर का पाया। इस वीडियो का टीएमसी कार्यकर्ताओं से कोई संबंध नहीं है। 

 

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