Fact Check: महाराष्ट्र चुनाव में डाले गए वोटों और गिने गए वोटों के बीच अंतर वाला दावा भ्रामक, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि कुल डाले गए मत 64,088,195 थे, जबकि कुल मतों की गिनती 64,592,508 बताई गई है।
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विस्तार
क्या है दावा
दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र में 5,04,313 'अतिरिक्त' वोट डाले गए और गिने गए वोटों के बीच डेटा मेल नहीं खा रहा है। कई निर्वाचन क्षेत्रों में 5,04,313 मत डाले गए। विशेष रूप से, रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल डाले गए मत 64,088,195 थे, जबकि कुल मतों की गिनती 64,592,508 बताई गई।
तमाल दास (@DassBabai) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “महाराष्ट्र चुनाव में केमिस्ट्री महायुति की जीत, 5,04,313 अतिरिक्त वोट? महाराष्ट्र चुनाव में वोट डाले गए और गिने गए वोटों के बीच डाटा का मिलान नहीं हुआ तो, यह लोकतंत्र है, जहाँ मीडिया, प्रशासन, ECI को झुका दिया गया है।
•• Chemistry Mahayuti Victory on Maharashtra Election
•• 5,04,313 additional votes? Data mismatch between voters polled & counted, in Maharashtra Election
•• So, this is democracy, where
- Media
- Administration
- ECI has been bent down #MaharashtraElectionResults https://t.co/FDKR5Wsty2 pic.twitter.com/jiMNV2Jhxcविज्ञापन विज्ञापन— Tamal Dass (@DassBabai) November 27, 2024
दीपाली_साल्वे (@deepali_writes) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “महाराष्ट्र में 5,04,313 'अतिरिक्त' वोट? डाले गए और गिने गए वोटों के बीच डेटा का बेमेल होना हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाता है।”
5,04,313 'additional' votes in Maharashtra? The data mismatch between votes polled and counted raises serious questions about the credibility of our democratic process. Will the @ECISVEEP provide clarity on this?#MaharashtraAssemblyElections2024 pic.twitter.com/8bFXQjqosU
— Deepali_Salve (@deepali_writes) November 26, 2024
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन कार्यालय (सीईओ) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों का खंडन किया है और आंकड़ों को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे हैं उसका स्पष्टीकरण दिया है। सीईओ के अनुसार, कुल मतों की गिनती में 5,38,225 डाक मतपत्र शामिल होने के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई। डाक मतपत्र जारी किए गए शुरुआती मतदान के आंकड़ों का हिस्सा नहीं थे।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये दावा भ्रामक साबित हुआ। मुख्य निर्वाचन कार्यालय की तरफ से इसका स्पष्टीकरण दिया गया।