Fact Check: म्यांमार में आए भूकंप से गिरे भवन को यूपी का भ्रष्टाचार बताकर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक क्षतिग्रस्त भवन नजर आ रहा है। साथ ही पार्किंग में खड़ी कई बसें भी इमारत गिरने के कारण क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वीडियो शेयर करे दावा किया जा रहा है कि यूपी के कौशांबी जिले में दमकल के बने भवन में गाड़ियां खड़ी थी और भवन तेज हवा आने के कारण गिर गया। पड़ताल में यह दावा झूठा साबित हुआ।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक बिल्डिंग और उसके नीचे पार्किंग दिखाई दे रही है। बिल्डिंग गिरी हुई है। इमारत के गिरने के कारण पार्किंग में खड़ी बस क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यूपी के कौशांबी जिले में बने दमकल भवन में गाड़ियां खड़ी थी और भवन तेज हवा आने के कारण गिर गया। कहा जा रहा है कि इस भवन को बनने में काफी भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके कारण यह भवन एक हवा के तेज झोंका भी झेल नहीं पाया। साथ ही इस घटना के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमनी पड़ताल में यह वीडियो म्यांमार में मार्च 2025 में आए घातक भूकंप के बाद का निकला। इस वीडियो का भारत या उत्तर प्रदेश से कोई संबंध नहीं है। वीडियो को भारत का बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।
इस वीडियो को शेयर करके उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार होने की बात की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि बिल्डिंग को बनाने में 30-40 प्रतिशत का कमीशन दिया गया, जिसके बाद यह एक हवा का झोंका भी नहीं झेल पाया।
अभिषेक गुप्ता (@mind_kracker) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “यूपी के कौशांबी जिले में दमकल के बने भवन में गाड़ियां खड़ी थी और भवन हवाओं का झोंका झेल नहीं पाया । 30-40% कमीशन देकर जब काम होगा तो ऐसा ही होगा। योगी आदित्यनाथ जी भ्रष्टाचार चरम पर है, केवल बुलडोजर चलाने से कुछ नही होगा। अधिकारियों पर अंकुश नहीं लगाएंगे तो ऐसा ही होगा। केवल आपके ईमानदार होने से कुछ नही होगा।" पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें मणि साला सामाजिक/चैरिटी रिलीफ एसोसिएशन - मांडले नाम से एक फेसबुक अकाउंट मिला। इस अकाउंट पर वायरल हो रहे दृश्य मौजूद थे। हमें इस अकाउंट पर इससे मिलती जुलती कई तस्वीरें 6 अप्रैल को पोस्ट मिलीं। इस पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा गया था “मणिसाला” मानवीय राहत एसोसिएशन ने भूकंप से क्षतिग्रस्त हुए सेगेंग जिला अग्निशमन विभाग को (100000) दस लाख क्यात दान किए हैं, और जनशक्ति/दाताओं द्वारा दान की गई बचाव सामग्री के साथ मदद करने के लिए काम कर रहा है। सेगेंग जिला म्यांमार में स्थित है।
इस तस्वीर के बारे में और ज्यादा जानने के लिए हमने इससे जुड़े कीवर्ड को सर्च किया। यहां हमें डेकन हेराल्ड की 1 अप्रैल की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें यह तस्वीर मौजूद थी। रिपोर्ट में तस्वीर के बारे में बताया गया था कि “म्यांमार के सेगेंग में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद ढह गए फायर स्टेशन के पास खड़े लोग।”
म्यांमार में 28 मार्च को 7.7 तीव्रता के भूकंप के झटके लगे थे। इसके बाद 6.4 तीव्रता के भी झटके महसूस हुए। भूकंप का केंद्र मेंडले और सेगेंग शहरों की सीमा पर जमीन के 10 किलोमीटर भीतर था। भूकंप के चलते बुनियादी ढांचे, सड़कें और रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान हुआ। भूकंप के झटके न सिर्फ म्यांमार बल्कि पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए। थाईलैंड के चियांग मेई शहर में भी इस भूकंप के चलते काफी नुकसान हुआ।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो भारत का नहीं है बल्कि म्यांमार का है। म्यांमार में 28 मार्च को आए भूकंप के कारण यह फायर स्टेशन ढह गया था। इसका भारत से कोई संबंध नहीं है।