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Fact Check: क्या सच में वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकेंगे, दावे की असलियत ये है

Fri, 11 Oct 2024 07:28 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Fri, 11 Oct 2024 07:28 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर अफवाह चल रही है कि रेलवे के नए नियम के अनुसार अब वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकेंगे। 

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Confusion is being spread with false claims about the waiting list rule in trains
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया जा रहा है। पोस्ट में एक न्यूज क्लिप है जिसमें रेलवे में सीट के बारे में कुछ जानकारी दी जा रही है। न्यूज क्लिप में कहा जा रहा है कि अब ऐसे लोग ट्रेन के स्लीपर या एसी कोच में सफर नहीं कर पाएंगे जिनका टिकट कंफर्म नहीं हुआ है। 
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क्या है दावा 

इस पोस्ट को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये नियम हाल ही में बनाया गया है। अब कोई वेटिंग टिकट वाला यात्री स्लीपर कोच में बैठता है तो आप अश्विनी वैष्णव को शिकायत कर सकते हैं। 
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कपिल (@kapsology) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “मुझे उम्मीद है कि अब से स्लीपर कोच में सिर्फ़ आरक्षित टिकट वाले यात्री ही होंगे! अगर आपको स्लीपर कोच में अनारक्षित यात्री देखें तो बेझिझक @AshwiniVaishnaw जी को टैग करें और उन्हें नई अधिसूचना की याद दिलाएं जो 1 जुलाई 2024 से लागू होगी।”
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तन कांग्रेसी, मन कांग्रेसी, मर गए तो कफन कांग्रेसी (@AbieeAz) नाम से एक अकाउंट से लिखा गया “जहां टिकटों की मांग ट्रेन की क्षमता से 10,000 गुना अधिक है, यह बिल्कुल प्रतिगामी उपाय है जो जनता के लिए बेहद अलोकप्रिय होगा।”
 

पड़ताल 

इस दावे का खंडन हमें पीआईबी पर मिला। पीआईबी की तरफ से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह चल रही है कि रेलवे के नए नियम के अनुसार अब वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकेंगे। पीआईबी के अनुसार यह दावा भ्रामक है। यह नियम पहले से भारतीय रेल में लागू है। 

रेलवे के 2010 के सर्कुलर के अनुसार आरक्षित कोच में केवल कंफर्म और आंशिक रूप से कन्फर्म  सीट वाले व्यक्ति ही यात्रा कर सकते हैं। वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर का टिकट ई टिकट के केस में ऑटोमेटिक कैंसिल हो जाता है।

यात्री काउंटर वेटलिस्ट टिकट लेकर सामान्य कोच में ही यात्रा कर सकते हैं, आधिकारिक कोच में यात्रा नहीं की जा सकती। इस नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। समय-समय पर भारतीय रेलवे द्वारा ऐसे अभियान चलाया जा रहा है।
 


पड़ताल का नतीजा

पड़ताल में ये साफ है कि दावा भ्रामक है। ये नियम रेलवे में पहले से है जिसे 2024 में लागू होने का दावा किया जा रहा है। 


 
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