Fact check: लड़की को पीटने वाले वीडियो को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश, जानें वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक लड़का लड़की को बुरी तरह से पीट रहा है। इस वीडियो में लड़के को मुस्लिम बताकर उस पर लव जिहाद का आरोप लगाया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
क्या है दावा
प्रियांका (@priyankasprks) नाम की एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है 'मित्रों इसी को बोलते हैं लव जिहाद, आप देख सकते हैं सेक्यूलर हिन्दुओं की बेटी अपने जेहादी आशिक अब्दुल से कितना प्यार से मार खा रही है। सूटकेस में भी कल पैक हो जाएगी, परंतु आशिकी खत्म नही होना चाहिए, मुझे अब कोई हमदर्दी नहीं इन जैसे सेक्यूलर हिन्दुओं के लिए।'
मित्रो इसी को बोलते है लव जेहाद,
— Priyanka (@priyankasprks) August 28, 2024
आप देख सकते है सेक्यूलर हरामखोर हिन्दुओं की बेटी अपने जेहादि आशिक अब्दुल से कितना प्यार से मार खा रही हैं,
सूटकेस में भी कल पैक हो जाएगी ,परतुं आशिकी खत्म नही होना चाहिए,
मुझे अब कोई हमदर्दी नही इन जैसे सेक्यूलर हरामखोर हिन्दुओं के लिए, pic.twitter.com/hOF5Unh7uX
इस वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया गया है। लेकिन वीडियो के साथ कोई भी विश्वसनीय स्रोत की जानकारी नहीं दी गई है।
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले गूगल पर वायरल वीडियो के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। गूगल रिजल्ट में हमें इससे संबंधित कुछ पुरानी खबरें मिली। यहां से यह संकेत तो मिल गया कि वायरल हो रहा वीडियो हाल फिलहाल का नहीं है। पड़ताल में आगे बढ़ते हुए हमने मलेशिया की समाचार साइट वर्ल्ड ऑफ बज की एक खबर दिखी। इस साइट पर वायरल वीडियो से संबंधित एक खबर अक्तूबर 2022 में छपी थी।
इस खबर से हमें वायरल वीडियो के बारे में कुछ जानकारी मिली। खबर के अनुसार पीटने वाला लड़का लड़की का भाई है। द न्यूज पेपर स्ट्रेट्स टाइम्स ने पुलिस के बयान को खबर में छापा था। सबा पुलिस के बयान के अनुसार, घटना कोटा किनाबालु के एक शॉपिंग सेंटर में हुई थी। कोटा किनाबालु मलेशिया का एक शहर है जिससे ये बात साफ हो जाती है कि वीडियो भारत का तो नहीं है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि इस घटना का भारत से कोई संबंध नहीं है। वायरल वीडियो में लड़की को हिंदू बताने वाले दावे में भी कोई सच्चाई नहीं है।