Fact Check: कर्नाटक में काली नदी पर बने पुल के गिरने को बताया जा रहा मोदी सरकार की नाकामी, जानें पूरा सच
Fact Check: एक टूटे हुए पुल के टूटने का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल है। इस वीडियो में पुल टूटने को मोदी सरकार का नाकामी बताया जा रहा है।
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विस्तार
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके मोदी सरकार में बने होने का दावा किया जा रहा है। टूटे पुल को मोदी सरकार में बने होने का दावा किया जा रहा है और जो पुल सही है उसे कांग्रेस में बनने का दावा किया जा रहा है।
ध्रुव राठी सटायर (@DhruvRatheFc) नाम के एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा “बगल वाला जो कांग्रेस के लूट वाला है, जस का तस सीना ताने खड़ा है और आज मोदी का एक और विकास डुबकी लगा दिया।”
राजश्री यादव (@Rajshree_yadav_) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करके लिखा “बगल वाला जो कांग्रेस के लूट वाला पुल जस का तस सीना ताने खड़ा हैबगल वाला जो कांग्रेस के लूट वाला पूल जस का तस सीना ताने खडा है⚡
— Dhruv Rathee Satire (@DhruvRatheFc) September 7, 2024
और आज मोदी जी का एक ओर विकास डूबकी लगा दिया 😂 pic.twitter.com/SLHd4w1E13
और आज मोदी का एक और विकास डुबकी लगा दिया।”
बगल वाला जो कांग्रेस के लूट वाला पूल जस का तस सीना ताने खडा है
— Rajshree Yadav (@Rajshree_yadav_) September 7, 2024
और आज मोदी का एक और विकास डूबकी लगा दिया 😂 pic.twitter.com/oNqqdcvg93
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम में रिवर्स सर्च किया तो हमें इसी तरह का एक वीडियो मिला जिसे काली पुल कारवार कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था। इंटरनेट पर काली पुल कारवार जैसे कीवर्ड सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो से जुड़ी कई खबरें मिली। ये खबरें अगस्त 2024 की थी।
खबर के बारे में जानने के लिए अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया तो हमें 7 अगस्त की एक खबर मिली जिसमें बताया गया था कि कर्नाटक में काली नदी पर बने पुल के ढहने से गोवा-कर्नाटक राजमार्ग पर यातायात प्रभावित। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक गिरने वाला पुल लगभग 40 साल पुराना है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि ये पुल लगभग 40 साल पुराना था। पुल को मोदी सरकार में बना होने का दावा भ्रामक है।