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Fact Check: बकरीद पर बछड़े को कुर्बानी के लिए ले जाने का दावा फर्जी, पड़ताल में पढ़ें वीडियो का सच

Tue, 10 Jun 2025 07:34 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 10 Jun 2025 07:34 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि एक बुजुर्ग व्यक्ति बछड़े को ले जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि बकरीद पर कुर्बानी के लिए बछड़े को ले जाया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।  

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claim of taking a calf for sacrifice on Bakrid is fake
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

7 जून को पूरे देश में बकरीद का त्योहार मनाया गया। इसी के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इसमें एक बुजुर्ग शख्स को गाय के बछड़े को रस्सी से बांधकर खींचते हुए ले जाते देखा जा सकता है। वीडियो के सबंध में दावा किया जा रहा है कि बुजुर्ग ने गाय के बछड़े को कुर्बानी के लिए बांध कर रखा है। इसे ईद के मौके पर काटे जाने का दावा किया जा रहा है साथ ही नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के डीसीपी को भी घेरा जा रहा है।  

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि बुजुर्ग का नाम मोहम्मद सगीर खजूरी है जो अपने इलाके में एक डेयरी चलाते है। इसलिए वह कई गाय और भैंस पालते हैं। दिल्ली पुलिस ने भी इस मामले पर अपना बयान दिया जिसमें गाय को सुरक्षित पाया गया था। 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि गाय के बछड़े को बुजुर्ग व्यक्ति ने बकरीद पर काट दिया। वीडियो को शेयर करके ईद पर उसकी कुर्बानी की बात की जा रही है। 

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  मंजीत यादव (राव साहब) (@Manuhindu007) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के अंदर जिहादियों ने लगता है , दिल्ली सरकार का आदेश ही मानने से मना कर दिया। खुलेआम बकरीद पर छोटी छोटी गौ माता को बांधा हुआ है। और @DCPNEastDelhi लगता है हाथ पर हाथ रख कर बैठे है। इसलिए उस्मानपुर SHO ने गौ रक्षकों को जेल भिजवाया है। @gupta_rekha जी से निवेदन है त्वरित कार्यवाही करते हुए गौ की रक्षा कीजिए इन जिहादियों से।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  


इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को सर्च करने की कोशिश की। लेकिन वीडियो से संबंधित कोई भी मीडिया रिपोर्ट देखने को नहीं मिली। इसके बाद हमने कीवर्ड के जरिए वीडियो को सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें वीडियो से संबंधित तो कोई रिपोर्ट नहीं मिली, लेकिन अमर उजाला के न्यूज डेस्क से पता चला कि बकरीद से पहले दिल्ली सरकार ने एक आदेश दिया था। मंत्री कपिल मिश्रा की ओर से जारी इस एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी है और इसके उल्लंघन पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

 

इसके बाद हमने दिल्ली DCPNEastDelhi के एक्स अकाउंट पर इस वीडियो के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, क्योंकि इस दावे के साथ नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के डीसीपी को टैग किया गया था। वहां हमें  नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के डीसीपी की तरफ से एक बयान देखने को मिला। इस बयान में बताया गया था कि “श्री राम कॉलोनी निवासी मोहम्मद सगीर खजूरी खास इलाके में डेयरी चलाते हैं और कई गाय और भैंस पालते हैं। वीडियो में दिख रहा बछड़ा उनकी डेयरी में सुरक्षित पाया गया है। ईद पर उसकी कुर्बानी के बारे में दावा झूठा और निराधार है। साथ ही पुलिस ने इस पूरे वीडियो को एक अफवाह बताया और इस पर विश्वास न करने की सलाह भी दी। 

  

 

 पुलिस के द्वारा मो. सगीर खजूरी का गूगल मैप का एक फोटो भी शेयर किया गया था। इस फोटो में मो. सगीर अपनी कुछ और गायों के साथ नजर आ रहे हैं। इसी के साथ यहां उनकी डेयरी का पता भी नजर आ रहा था। पुलिस की दी गई जानकारी से हमें पता चला कि सोनिया विहार के श्रीराम कॉलोनी में उनकी यह डेयरी मौजूद है।  

  आगे हमें ऑनलाइन न्यूज इंडिया नाम के एक यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो मिला। इस वीडियो 7 जून बकरीद वाले दिन प्रकाशित किया गया था। इस रिपोर्ट को मो. सगीर के घर जाकर दिखाया गया था। रिपोर्ट में सगीर के घर पर कई और गाय भी दिख रही है। इस गाय से वह दूध निकालते हुए भी नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह बछड़ा भी मौजूद था जिसका वीडियो वायरल हो रहा था। 

  पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। मो. सगीर ने बछड़े की कुर्बानी नहीं दी है। बल्कि वह गायों का पालकर एक डेयरी का संचालन करते हैं। 

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