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Hindi News ›   Fact Check ›   Claim of Shia Sunni riots in Lebanon after Nasrallah's death is misleading

Fact Check: नसरल्ला की मौत के बाद लेबनान में शिया-सुन्नी दंगे का दावा गलत, जानें सच क्या है

Mon, 30 Sep 2024 08:36 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Mon, 30 Sep 2024 08:36 PM IST
सार

Fact Check: एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें दावा किया जा रहा है कि नसरल्ला का मौत के बाद लेबनान में शिया सुन्नी दंगे हो रहे हैं। 

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Claim of Shia Sunni riots in Lebanon after Nasrallah's death is misleading
FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक पक्ष दूसरे पक्ष से लड़ता हुआ नजर आ रहा है। लोग एक दूसरे को मारते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो किसी रिहायशी इलाके का लग रहा है। वीडियो में कार और मोटरसाइकिल भी नजर आ रही हैं। 
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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला की मौत के बाद लेबनान में शिया-सुन्नी दंगे शुरू हो गए हैं। नसरल्ला को 28 सितंबर 2024 को इस्राइल
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ने एयर स्ट्राइक में मार गिराया था। 

अजय सिंह(@ajaysingh0018) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “लेबनान में शिया सुन्नी दंगा शुरू हो गया....सुन्नी मुसलमान अब... शिया मुसलमानो को, जो हिज्बबुलाह के समर्थक है, उनको मार मार कर, अपने इलाके से भगा रहे हैं.....इजरायल के हमलों से, बहुत से समीकरण बदल रहे हैं..”
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डॉ. अनिता व्लादिवोस्की (@anitavladivoski) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा  “लेबनान में शिया सुन्नी दंगा शुरू हो गया। सुन्नी मुसलमान अब शिया मुसलमानों को, जो हिज्बुल्लाह के समर्थक है उनको मार मार कर, अपने इलाके से भगा रहे हैं। इजरायल के हमलों से, बहुत से समीकरण बदल रहे हैं..भारत में जाति जनगणना कराने वालो अब लेबनान में जा कर जाति गणना करवाओ”
 

पड़ताल 

वीडियो के किफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च करने पर हमें एक फेसबुक पोस्ट मिला। न्यूज ऑफ तारिक अल-जदीदा नाम के एक फेसबुक यूजर ने इसे 7 मई 2018 को “आयशा बक्कर में हिजबुल्लाह समर्थकों और अल-मुस्तकबल समर्थकों के बीच लड़ाई।” कैप्शन के साथ पोस्ट किया था। यहां से ये साफ हो गया कि वीडियो पुराना है। 

खबर के बारे में और ज्यादा जानकारी जुटाने के दौरान हमे अल खलीज न्यूज वेबसाइट मिली। यहां इस खबर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई थी। खबर के मुताबिक संसदीय चुनाव के नतीजों के बाद बेरूत के कई इलाकों में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति थी। चुनावों में हिजबुल्ला और लेबनान के एक अन्य राजनैतिक दल ‘अमल मूवमेंट’ के गठबंधन को फायदा हो रहा था जिसके बाद इस गठबंधन के समर्थकों सड़क पर बवाल किया। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो पुराना है और इसे गलत घटना से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है। 






 
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