Fact Check: नसरल्ला की मौत के बाद लेबनान में शिया-सुन्नी दंगे का दावा गलत, जानें सच क्या है
Fact Check: एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें दावा किया जा रहा है कि नसरल्ला का मौत के बाद लेबनान में शिया सुन्नी दंगे हो रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला की मौत के बाद लेबनान में शिया-सुन्नी दंगे शुरू हो गए हैं। नसरल्ला को 28 सितंबर 2024 को इस्राइल
ने एयर स्ट्राइक में मार गिराया था।
अजय सिंह(@ajaysingh0018) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “लेबनान में शिया सुन्नी दंगा शुरू हो गया....सुन्नी मुसलमान अब... शिया मुसलमानो को, जो हिज्बबुलाह के समर्थक है, उनको मार मार कर, अपने इलाके से भगा रहे हैं.....इजरायल के हमलों से, बहुत से समीकरण बदल रहे हैं..”
लेबनान में शिया सुन्नी दंगा शुरू हो गया....
— Ajay Singh(Modi Ka Parivar) (@ajaysingh0018) September 30, 2024
सुन्नी मुसलमान अब...
शिया मुसलमानो को, जो हिज्बबुलाह के समर्थक है
उनको मार मार कर, अपने इलाके से भगा रहे हैं.....
इजरायल के हमलों से, बहुत से समीकरण बदल रहे हैं.. pic.twitter.com/ljkv3EuWFr
डॉ. अनिता व्लादिवोस्की (@anitavladivoski) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “लेबनान में शिया सुन्नी दंगा शुरू हो गया। सुन्नी मुसलमान अब शिया मुसलमानों को, जो हिज्बुल्लाह के समर्थक है उनको मार मार कर, अपने इलाके से भगा रहे हैं। इजरायल के हमलों से, बहुत से समीकरण बदल रहे हैं..भारत में जाति जनगणना कराने वालो अब लेबनान में जा कर जाति गणना करवाओ”
लेबनान में शिया सुन्नी दंगा शुरू हो गया।
— Dr. Anita Vladivoski (@anitavladivoski) September 30, 2024
सुन्नी मुसलमान अब शिया मुसलमानो को, जो हिज्बबुलाह के समर्थक है उनको मार मार कर, अपने इलाके से भगा रहे हैं।
इजरायल के हमलों से, बहुत से समीकरण बदल रहे हैं..😂
भारत में जाती जन गणना करवाने वालो अब लेबनान में जा कर जाति गणना करवाओ pic.twitter.com/YOiKAT1dz3
पड़ताल
वीडियो के किफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च करने पर हमें एक फेसबुक पोस्ट मिला। न्यूज ऑफ तारिक अल-जदीदा नाम के एक फेसबुक यूजर ने इसे 7 मई 2018 को “आयशा बक्कर में हिजबुल्लाह समर्थकों और अल-मुस्तकबल समर्थकों के बीच लड़ाई।” कैप्शन के साथ पोस्ट किया था। यहां से ये साफ हो गया कि वीडियो पुराना है।
खबर के बारे में और ज्यादा जानकारी जुटाने के दौरान हमे अल खलीज न्यूज वेबसाइट मिली। यहां इस खबर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई थी। खबर के मुताबिक संसदीय चुनाव के नतीजों के बाद बेरूत के कई इलाकों में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति थी। चुनावों में हिजबुल्ला और लेबनान के एक अन्य राजनैतिक दल ‘अमल मूवमेंट’ के गठबंधन को फायदा हो रहा था जिसके बाद इस गठबंधन के समर्थकों सड़क पर बवाल किया।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो पुराना है और इसे गलत घटना से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है।