Fact Check: यूपी में दुकान में 300 ईवीएम मशीनें मिलने का दावा फर्जी, जानें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चंदौली में एक दुकान से 300 ईवीएम मशीनें मिली हैं। वीडियो 2019 लोकसभा चुनाव का है। अब इसे फर्जी दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोशल मीडिया पर ईवीएम का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो को इस कैप्शन के साथ वायरल किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चंदौली में एक दुकान से 300 ईवीएम मशीनें मिली हैं। वीडियो को कई वेरिफाइड एक्स यूजर ने भी पोस्ट किया है।
स्थान - चंदौली, उत्तर प्रदेश #लोकतंत्र से खिलवाड़!
— Gurjar (@PratiharSurendr) January 29, 2024
स्थानीय लोगों ने एक दुकान के अंदर रखे 300 से अधिक ईवीएम मशीन पकड़े।#IndiaAgainstEvm
pic.twitter.com/30LtByizTZ
उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र से खिलवाड़,
— Er Manish Rajak (@ManishCEO2) January 30, 2024
चंदौली के स्थानीय लोगों ने एक दुकान के अंदर रखे लगभग 300 से अधिक ईवीएम मशीन पकड़े। चुनाव ख़त्म होने के बाद ईवीएम यहाँ कैसे आये? इसका जबाब कौन देगा। #IndiaAgainstEvm#EVM_हटाओ_लोकतंत्र_बचाओ #EVM_हटाओ_देश_बचाओ pic.twitter.com/Gyr0fZUhkU
अपनी पड़ताल के क्रम में हमें चमौली जिलाधिकारी का एक ट्वीट मिला जिसमें वायरल वीडियो को लेकर स्पष्टीकरण दिया गया था। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि प्रकरण की जांच की गई है। यह वीडियो वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान का है। उस समय VVPAT को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में शिफ्ट किया गया था। किसी प्रकार से कोई अनियमित कार्य नहीं हुआ था।
https://t.co/coc8ElZYoZ प्रकरण की जाँच पूर्ण कर ली गई है। यह वीडियो वर्ष २०१९ लोक सभा चुनाव के दौरान का है।तत्समय VVPAT को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में शिफ्ट किया गया था। किसी प्रकार से कोई अनियमित कार्य नहीं हुआ था।
— DM CHANDAULI (@dmchandauli) January 29, 2024
जिलाधिकारी ने पोस्ट में लिखा कि वीडियो में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हैं और शांति से कार्य को देख रहे हैं और वीडियो भी बना रहे है। अतः यह ट्वीट नितांत भ्रामक है जिसे केवल शरारत करने के उद्देश्य से किया गया है। इस प्रकार के कृत्य से निर्वाचन की प्रक्रिया में प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अंत में जिलाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि एक्स हैंडल के ऑपरेटर पर कानूनी कार्यवाही भी की जा रही है।
इसके अलावा वीडियो के संबंध में चंदौली पुलिस ने भी बयान जारी किया है। पुलिस ने चेतवानी देते हुए कहा कि ऐसी किसी भी भ्रामक खबर को न फैलाये नहीं तो सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
पड़ताल से स्पष्ट है कि दुकान से ईवीएम मिलने का दावा भ्रामक है। घटना करीब पांच साल पुरानी है और उस समय VVPAT को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शिफ्ट किया गया था।