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Hindi News ›   Fact Check ›   China's Beipanjiang Bridge viral as Jammu and Kashmir

Fact Check: चीन के बेइपानजियांग ब्रिज को जम्मू कश्मीर का बताकर वायरल, जानें पड़ताल में दावे की सच्चाई

Sat, 28 Sep 2024 11:07 PM IST
शिवेंद्र फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र Updated Sat, 28 Sep 2024 11:07 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक ब्रिज की तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये ब्रिज जम्मू कश्मीर का है। 

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China's Beipanjiang Bridge viral as Jammu and Kashmir
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में एक केबल का पुल नजर आ रहा है। इस पुल पर गाड़ियां भी दौड़ती नजर आ रही हैं। पुल को काफी ऊंचाई पर बनाया गया है। 
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क्या है दावा

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो जम्मू कश्मीर में है। कहा जा रहा है कि इस पुल का निर्माण जम्मू कश्मीर में किया गया है। 

एडवोकेट अनिल भार्गव (@anilkumarbharga) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “जम्मू और कश्मीर NH 44, जय हिंद”
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एक्सप्लोर भारत (@ExploreBharat47) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “जम्मू और कश्मीर NH 44, जय हिंद”
 


पड़ताल 

वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इंटरनेट पर हमें एक यूट्यूब चैनल का लिंक मिला। वीडियो में इस ब्रिज को चीन का बताया गया था। इस ब्रिज को सर्च करने के लिए हमने कुछ कीवर्ड का इस्तेमाल किया। 

हमें सीजीटीएन के यूट्यूब चैनल पर इस पुल के निर्माण का पूरी वीडियो मिला। इस वीडियो को 10 सितंबर 2016 को पोस्ट किया गया था। सीजीटीएन बीजिंग, चीन में स्थित सरकारी चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क का अंग्रेजी भाषा का समाचार चैनल है। 

चैनल पर जो वीडियो है उसके डिस्क्रिप्शन में लिखा था “युन्नान और गुइझोउ प्रांतों के जंक्शन पर स्थित निझू नदी घाटी को पार करने वाला दुनिया का सबसे ऊंचा पुल, बेइपानजियांग ब्रिज, नदी से 565 मीटर ऊपर है। तीन साल के निर्माण के बाद आधिकारिक तौर पर इसका निर्माण पूरा हो गया। इस परियोजना पर 1,000 से अधिक इंजीनियरों और तकनीशियनों ने काम किया।”

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो चीन का है। 


 
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