Fact Check: वायनाड चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर की जगह मस्जिद बनवाने का दावा कांग्रेस से संबंधित नहीं, जानें सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें राहुल गांधी की तस्वीर के साथ मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाने का वीडियो दिख रहा है। PTI ने अपनी पड़ताल में पाया कि ये दावा फर्जी है।
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विस्तार
वायनाड लोकसभा उपचुनाव से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर हुआ, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नाम पर वोट अपील की गई। वायनाड कांग्रेस के नाम से जारी इस वीडियो में अयोध्या के मंदिर को गिराकर उसकी जगह मस्जिद बनाते भी दिखाया गया है।
दावा:
इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा वायनाड लोकसभा सीट पर प्रियंका गांधी के पक्ष में वोट करने के लिए इस वीडियो का उपयोग प्रचार में किया गया था।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। यह वीडियो कांग्रेस की ओर से जारी नहीं किया गया है। इससे पहले भी यह वीडियो लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान वायरल हुआ था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'फेसबुक' पर 'पवन चौधरी जागीवाडा' नाम के एक यूजर ने 13 नवंबर को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ''यह देखिए कांग्रेने अपनी वायानाड लोकसभा सीट प्रियंका गांधी को वोट करने के लिए किस तरीके की एड बनाई है शर्म आ रही है कांग्रेस की मानसिकता पर...। ''
वायनाड कांग्रेस के नाम से जारी की गई इस वीडियो में अयोध्या के मंदिर को गिराकर उसकी जगह मस्जिद बनाते भी दिखाया गया है। यूजर्स इस वीडियो को लेकर दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस द्वारा वायनाड लोकसभा सीट पर प्रियंका गांधी के पक्ष में वोट करने के लिए इस वीडियो का उपयोग प्रचार में किया गया था। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
इसके अलावा, इस वीडियो को समान दावे के साथ यहां, यहां, यहां और यहां क्लिक कर देखें।
पड़ताल:
दावे की पुष्टि के लिए डेस्क ने सबसे पहले कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं और आधिकारिक हैंडल को खंगाला लेकिन इस दौरान पीटाआई को ऐसा कोई भी वीडियो नहीं मिला, जो वायरल वीडियो से मिलता हो। अपनी पड़ताल को जारी रखते हुए पीटाआई ने वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान पीटाआई को केरल कांग्रेस की प्रवक्ता लावण्या बल्लाल जैन का 26 अप्रैल 2024 का एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट मिला। इस वीडियो को लेकर लावण्या बल्लाल जैन ने अपने पोस्ट में लिखा, "हमने (कांग्रेस पार्टी) ने राहुल गांधी का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाए जाने को लेकर भाजपा के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। हम फेक नैरेटिव को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हताश बीजेपी अब और भी फर्जी वीडियो का सहारा ले रही है।'' अपने पोस्ट में केरल कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कुछ ऐसे हैंडल को भी शेयर किया, जिन्होंने ट्विटर पर फर्जी वीडियो प्रसारित किए हैं। पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
इसके अलावा, लावण्या बल्लाल जैन ने वीडियो को शेयर करने वाले एक्स यूजर की स्क्रीन रिकार्डिंग शेयर करने के साथ ही अपने एक्स पोस्ट में केरल पुलिस और राज्य पुलिस प्रमुख को टैग किया गया है। साथ ही उन्होंने अपने इसी पोस्ट के कमेंट में पुलिस से शिकायत करने वाला एक लेटर भी शेयर किया था। पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
जांच के अंत में डेस्क ने कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन से संपर्क किया, जो उपचुनाव के दौरान वायनाड लोकसभा सीट के कलपेट्टा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के चुनाव अभियान के प्रभारी भी थे। राजमोहन उन्नीथन ने कहा, "कांग्रेस की इसमें कोई भूमिका नहीं है। पीटाआई को ऐसा कोई वीडियो नहीं बनाया है। यह दक्षिणपंथी (राईट विंग) दुष्प्रचार हो सकता है।"
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी निकला। अयोध्या के मंदिर को गिराकर उसकी जगह मस्जिद बनाने वाला वीडियो एक बार पहले भी लोकसभा चुनाव के वक्त वायरल हो चूका है। इस वीडियो को लेकर
वायनाड कांग्रेस कमेटी की ओर से अप्रैल 2024 में पुलिस को शिकायत दर्ज की गई थी। वायनाड कांग्रेस कमेटी ने वीडियो फर्जी बताते हुए इसे बनाने वाले और इसे शेयर कर दुष्प्रचार करने वालो के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। हालिया वायरल वीडियो पर कांग्रेस पार्टी का कहना है कि इसमें पार्टी की कोई भूमिका नहीं है और यह वीडियो पूरी तरह से बेबुनियाद है।
(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)