Fact Check: भाजपा कार्यकर्ताओं को इंजीनियर राशिद का स्वागत करने का नहीं दिया गया निर्देश, फर्जी पत्र वायरल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हो रहा है जिसमें भाजपा जम्मू कश्मीर के अध्यक्ष कार्यकर्ताओं को इंजीनियर राशिद का स्वागत करने का निर्देश दे रहे हैं। हमारी पड़ताल में दावा बिल्कुल झूठ निकला।
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विस्तार
क्या है दावा
जिस लेटर को शेयर किया जा रहा है उसमें लिखा है पार्टी हाईकमान के द्वारा सभी जम्मू कश्मीर राज्य के भाजपा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया जाता है कि अब्दुल राशिद शेख (इंजीनियर राशिद) की स्वागत रैली में शामिल हों। दावा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को इंजीनियर राशिद का समर्थन करने कह रही है।
JKYNC MAGAM (@JkyncM64770) नाम के एक एक्स अकाउंट से लेटर को शेयर करके लिखा गया है कि “सौदा अब खुल गया है। भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को इंजीनियर का समर्थन करने के लिए कहा है।”
अब्दुल सलाम नाम के एक फेसबुक अकाउंट से लेटर को शेयर करके लिखा गया है।Deal is now open. BJP directs it's workers to attend and support Engineer.😄😄😄😄 pic.twitter.com/9mNm1780WR
— JKYNC MAGAM (@JkyncM64770) September 11, 2024
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले रविंद्र रैना के एक्स हैंडल की जांच की, ये जानने के लिए कि क्या इस दावे में वाकई कोई सच्चाई है। रविंद्र के एक्स हैंडल पर हमें ये लेटर मिला। उसके साथ ही रविंद्र रैना ने इसकी सच्चाई भी बताई हुई थी।
Political propaganda by frustrated opposition.
— Ravinder Raina (@RavinderRaina) September 11, 2024
This fake letter is being circulated in Kashmir Valley, this is nothing but a political Propaganda by frustrated Opposition. No such order issued from my office. I have requested @ECISVEEP to register FIR in the political fraud. pic.twitter.com/aliE2X8aN6
रविंद्र रैना ने लिखा था “हताश विपक्ष द्वारा राजनीतिक दुष्प्रचार। कश्मीर घाटी में यह फर्जी पत्र प्रसारित किया जा रहा है, यह हताश विपक्ष द्वारा राजनीतिक दुष्प्रचार के अलावा और कुछ नहीं है। मेरे कार्यालय से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। मैंने @ECISVEEP से राजनीतिक धोखाधड़ी में एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है।"
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि रविंद्र रैना की तरफ से टेरर फंडिंग केस में जेल में बंद इंजीनियर राशिद के बाहर आने पर स्वागत रैली में शामिल होने जैसा कोई आदेश नहीं दिया गया है। ये दावा बिल्कुल झूठ है।