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Fact Check: आंध्र प्रदेश का वीडियो बिहार पुलिस की निर्ममता का बताकर किया जा रहा शेयर, पड़ताल में पढ़ें सच

Sat, 31 May 2025 07:44 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 31 May 2025 07:44 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि बिहार पुलिस ने दो युवकों को बेरहमी से पीट रही है। 

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Bihar Police accused of brutally beating three youths on the road
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इसमें दिख रहा है कि दो पुलिस अधिकारी एक व्यक्ति को जमीन पर बैठाकर उसके पैरों पर डंडे से वार कर रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो बिहार का है। कहा जा रहा है कि बिहार में पुलिस रिश्वत मांग रही थी रिश्वत देने से इंकार करने पर पुलिस ने इस व्यक्ति को बहुत पीटा है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। जांच में पता चला कि वीडियो बिहार का नहीं बल्कि आंध्र प्रदेश के तेनाली का है। यहां पुलिस ने तीन लोगों को बुरी तरह डंडे से पीटा था। पुलिस ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि एक महीने पहले उन लोगों ने नशे में ऐटानगर में एक पुलिस कांस्टेबल चिरंजीवी पर हमला किया था।
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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने रिश्वत नहीं देने पर बिहार में एक युवक को बुरी तरह पीटा है। 

 प्रधान जी नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करे लिखा “दलित रिश्वत न दे तो सिस्टम बौखला जाता है। झूठी FIR से लेकर सरेआम पिटाई तक — सब कुछ पहले से तय होता है। इन सबको सस्पेंड करना चाहिए। मकसद एक ही है — डर बैठाना। ये सिस्टम नहीं, जातिवादी गैंग है। अगर अब भी चुप रहे, तो कल तुम्हारे बच्चों को यही कुचलेगा” इस वीडियो को रिशेयर करके एक अन्य यूजर ने लिखा “बिहार पुलिस जिंदावाद” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 
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  इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इस वीडियो से जुड़ी हुए एक मीडिया रिपोर्ट एनडीटीवी पर देखने को मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था “आंध्र प्रदेश के तेनाली में तीन लोगों को सड़क के बीच में बैठा दिया जाता है, जिनकी टांगें पूरी तरह फैली हुई होती हैं। दर्जनों पुलिसकर्मी उन्हें घेर लेते हैं। पुलिस वाले उन्हें सबक सिखाने के लिए सरेआम उनकी पिटाई करते हैं। तीनों व्यक्ति - विक्टर, बाबूलाल और राकेश - स्थानीय डॉन लड्डू के गिरोह का हिस्सा हैं और उन्होंने कथित तौर पर एक महीने पहले नशे में ऐटानगर में एक पुलिस कांस्टेबल चिरंजीवी पर हमला किया था।” 

आगे हमें इस वीडियो से जुड़ी हुई एक और रिपोर्ट डेक्कन हेराल्ड पर देखने को मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा कांस्टेबल पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों की सरेआम पिटाई का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने पहले तीनों को मुख्य सड़क पर बैठाया और फिर लाठी से उनके पैरों पर वार करना शुरू कर दिया। तीनों दर्द से तड़पते रहे, लेकिन पुलिस उन्हें पीटती रही।
 

इस मामले को लेकर आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में वाईएसआर कांग्रेस के के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी का भी एक्स पोस्ट देखने को मिला। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा “आंध्र प्रदेश में @ncbn के नेतृत्व वाली सरकार पुलिस को अनियंत्रित शक्ति का प्रयोग करने की अनुमति देकर भारतीय संविधान का खुलेआम उल्लंघन कर रही है। कानून के शासन को कायम रखने के बजाय, राज्य को एक कठोर "लाल किताब संविधान" के तहत चलाया जा रहा है जो हर नागरिक को गारंटीकृत अधिकारों और सुरक्षा की अवहेलना करता है - विशेष रूप से दलितों, पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जनजातियों और अल्पसंख्यकों को। तेनाली में, दलित और अल्पसंख्यक युवाओं - चेब्रोलू जॉन विक्टर, डोमा राकेश और ऐथा नगर के शेख बाबूलाल - पर पुलिस अधिकारियों ने दिनदहाड़े बेरहमी से हमला किया।” उनका पूरा बयान आप नीचे पढ़ सकते हैं। 

 

 

  पड़ताल का नतीजा 
  हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो का बिहार से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो आंध्र प्रदेश का है। जहां पुलिस ने तीन बदमाशों की पुलिस पर हमला करने के आरोप में पिटाई की थी। 
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