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Fact Check: श्रीलंका में लड़की के अपहरण के वीडियो को भारत का बताकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश

Wed, 17 Sep 2025 09:50 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Wed, 17 Sep 2025 09:50 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक गाड़ी से लड़की का अपहरण किया जा रहा है। वीडियो को भारत का बताकर सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

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Attempt to communalise video of a girl's abduction in Sri Lanka by claiming it is from India
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें एक व्यक्ति एक लड़की को जबरदस्ती गाड़ी में खींच रहा था, उसी समय एक अन्य व्यक्ति उसे बचाने के लिए पहुंच जाता है। इस वीडियो को शेयर करे दावा किया जा रहा है कि लड़की को अफरोज और इमरान नाम के दो मुस्लिम लड़कों के द्वारा अगवा करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन हर्षवर्धन नाम के एक हिंदू व्यक्ति ने उसे बचाया। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि दावा झूठा है। जांच में सामने आया कि वीडियो श्रीलंका का है। यह घटना जनवरी में श्रीलंका में हुई थी, जहां एक लड़की को आपसी विवाद के चलते अगवा कर लिया गया था। बाद में श्रीलंकाई पुलिस ने उसे बचा लिया। 

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क्या है दावा 
वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि दो मुस्लिम युवक एक लड़की का अपहरण करने की कोशिश कर रहे थे, जिसे हिंदू लड़के ने अपनी जान पर खेलकर बचाने की कोशिश की। 

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बाबा बनारस (@RealBababanaras) नाम के एक एक्स अकाउंट से इस वीडियो को शेयर करके लिखा गया “वह एक असली हीरो है। अफरोज और इमरान आयशा नाम की एक लड़की का अपहरण कर रहे थे। हर्षवर्धन नाम का एक लड़का वहां से गुजर रहा था। उसे बचाने के लिए उसने अपनी जान जोखिम में डालकर उस लड़की को बचाया, जिसे वह जानता तक नहीं था। यही सनातन हिंदू परंपरा है। हर्षवर्धन घायल जरूर है, लेकिन खतरे से बाहर है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो श्रीलंकाई समाचार एजेंसी न्यूज़ वायर के X हैंडल द्वारा 12 जनवरी को शेयर किया गया मिला। इस पोस्ट के साथ लिखा गया था “11 जनवरी को कैंडी के दौलागाला में एक 19 वर्षीय स्कूली छात्रा का निजी कक्षा में जाते समय अपहरण कर लिया गया। संदिग्ध की पहचान पीड़िता के चचेरे भाई के रूप में हुई है। अधिकारी लड़की का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।”

 

 

आगे हमें एशियन मिरर की 13 जनवरी की एक और रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि जो व्यक्ति लड़की को बचाने आया था वह 25 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन मोहम्मद इजादीन अरशद अहमद है। 

रिपोर्ट के अनुसार, अहमद ने बहादुरी से वैन के दरवाजे से सटकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही वैन की गति बढ़ी, अंदर से किसी ने उसे धक्का देकर बाहर निकाल दिया, जिससे वह गिर गया और उसे मामूली चोटें आईं। रिपोर्ट में बताया गया है कि श्रीलंकाई पुलिस ने अहमद के इस साहसिक काम की सराहना की। रिपोर्ट में अहमद की एक तस्वीर भी है जिसमें उसके चेहरे पर पट्टी बंधी हुई है।

 

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि श्रीलंका के पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ भारत की घटना बताकर शेयर किया जा रहा है। 

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