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Fact Check: विरोध प्रदर्शनों के बीच पीओके से जोड़कर गलत वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, यहां जानें पूरी सच्चाई

Wed, 29 May 2024 05:37 PM IST
शिवेंद्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र Updated Wed, 29 May 2024 05:37 PM IST
सार

Fact Check: पीओके में भारी अशांति के बीच, सोशल मीडिया पर भारत के समर्थन में शपथ लेते एक समूह का वीडियो वायरल है। दावा किया जा रहा है कि यह पीओके के लोग हैं जो भारतीय सेना के समर्थन में शपथ ले रहे हैं। Boom ने अपने फैक्ट चेक में पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है।

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Amid protests false video linking it to PoK goes viral on social media
FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

पिछले दिनों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारी अशांति देखने को मिली। गेहूं के आटे की ऊंची कीमतों, बिजली के बढ़े हुए बिलों और करों के खिलाफ लोगों ने कई दिनों तक हड़ताल की। इसी विरोध प्रदर्शनों के बीच, सोशल मीडिया पर भारत के समर्थन में शपथ लेते एक समूह का वीडियो वायरल है।

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इसके साथ दावा किया जा रहा है कि यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोग हैं जो भारतीय सेना के समर्थन में शपथ ले रहे हैं। फेसबुक पर इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर (आर्काइव लिंक) ने लिखा, 'पीओके के मुसलमान भारत में मिलने के लिए।। भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना को तन-मन-धन से समर्थन देने की सौगंध खा रहे हैं जो 70 साल मे संभव नहीं था वो अब सहजता से हो रहा है...।' 

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Fact

बूम इस वीडियो का फैक्ट चेक इससे पहले मार्च में भी कर चुका है। तब भी यह वीडियो इसी दावे से वायरल था। बूम ने उस दौरान अपने फैक्ट चेक में पाया था कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो में साफ तौर पर यह सुना जा सकता है कि शपथ लेते हुए लोग जम्मू कश्मीर स्थित उरी का जिक्र कर रहे हैं। उनके हाथ में कुछ तख्तियां भी देखी जा सकती हैं, जिसपर 'गुज्जर-बकरवाल एकता जिंदाबाद' लिखा है। यहां से हिंट लेते हुए बूम ने इससे संबंधित कुछ कीवर्ड्स को गूगल सर्च किया था। इससे बूम को गुज्जर बकरवाल नाम के एक्स हैंडल पर यही वीडियो मिला था। इस वीडियो के कैप्शन में बताया गया था कि जम्मू कश्मीर के गुज्जर बकरवाल अपनी अनुसूचित जनजाति की स्थिति की सुरक्षा के संबंध में अपने संवैधानिक अधिकारों को सुरक्षित रखने का संकल्प ले रहे हैं।

इसके अतिरिक्त बूम को एक यूट्यूब वीडियो भी मिला था। इसके डिस्क्रिप्शन में बताया गया था कि उरी के गुज्जर बकरवाल समुदाय ने भारत के संविधान के दायरे में अपनी अनुसूचित जनजाति की स्थिति की रक्षा करने की कसम ली। इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना के समर्थन में भी शपथ लिया। इसके अलावा बूम ने शपथ दिलवाने वाले रफीक बलोटे से भी संपर्क किया था। उन्होंने बूम से यह स्पष्ट किया था, "इस वीडियो का पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से कोई संबंध नहीं है। यह तब का वीडियो है जब गुज्जर और बकरवाल समुदायों ने आरक्षण देने के सरकार के फैसले के खिलाफ अगस्त (2023) में एक मार्च निकाला था। यह मार्च बारामूला जिले के डाक बंगला इलाके में आयोजित हुआ था। इस मार्च के बाद उरी के गुज्जर और बकरवाल समुदाय के युवाओं ने शपथ भी ली थी।"

(This story was originally published by Boom as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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