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Fact Check: पाकिस्तान में नहरों निर्माण के खिलाफ हुए प्रदर्शन को सिंधुदेश की आजादी का बताकर किया जा रहा शेयर

Sat, 24 May 2025 05:18 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 24 May 2025 05:18 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह सिंधुदेश का है। जो पाकिस्तान से अलग होने की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

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After Balochistan, now Sindhudesh is also protesting for its independence
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, वीडियो में दिख रहा है कि बहुत सारे लोगों की भीड़ हाथों में लाल रंग का झंडा लिए हुए नजर आ रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि सिंधुदेश पाकिस्तान से अलग होने के लिए प्रदर्शन कर रहा है। यह दावा ऐसे समय पर किया जा रहा है, जब चेयरमैन शफी बुरफात के नेतृत्व में जेय सिंध मुत्तहिदा महाज (जेएसएमएम) ने संयुक्त राष्ट्र, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, लोकतांत्रिक देशों और वैश्विक नागरिक समूहों से सिंधुदेश को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्वीकार करने और पाकिस्तान के चल रहे सैन्य नियंत्रण और सिंधी लोगों पर व्यवस्थित उत्पीड़न की निंदा करने का तत्काल अनुरोध किया है।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो सिंधुदेश की आजादी की मांग से संबंधित नहीं है। जांच में पता चला कि यह प्रदर्शन सिंध की राष्ट्रवादी पार्टियों ने सिंधु नदी पर छह नई नहरों के निर्माण के विरोध में आयोजित किया था।  

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क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बलूचिस्तान के बाद अब सिंधुदेश भी पाकिस्तान से अलग होने की मांग कर रहा है। 

अमरेंद्र बाहुबली (@TheBahubali_IND) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करके लिखा “बलूचिस्तान के बाद अब पाकिस्तान में सिंधुदेश अलग होने की मांग उठी। भारत से जो टकराएगा मिट्टी में मिल जाएगा।" पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

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इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें नजीब मरानी नाम से एक फेसबुक अकाउंट मिला। इस अकाउंट पर वीडियो को 23 फरवरी 2025 को पोस्ट किया गया था। पोस्ट के साथ कोई कैप्शन नहीं लिखा गया था। यहां से पता चला कि वीडियो तीन महीने पुराना है। यह घटना भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के दौरान नहीं हुई है।  

 

आगे सर्च करने पर हमें खालिद हुसैन नाम से एक एक्स हैंडल मिला। यहां भी वीडियो को तीन महीने पहले ही पोस्ट किया गया था। पोस्ट के साथ एक कैप्शन भी लिखा गया था “पाकिस्तान अपनी पहचान खो रहा है! सिंधु नदी से नहरें बनाना बंद करो और नदी को स्वतंत्र रूप से बहने दो। यह सिर्फ़ JSQM-A की मांग नहीं है, यह पूरे सिंधी राष्ट्र की मांग है! #NoMoreCanalsOnIndus

 

 

 

इस वीडियो में लोगों ने बड़े बैनर को भी पकड़ा है जिसमें लिखा है “Release Advocate Aamir Umrani” एडवोकेट आमिर उमरानी को रिहा करो। आगे हमने इस कीवर्ड का इस्तेमाल करके इसे इंटरनेट पर खोजने की कोशिश की। यहां हमें द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट देखने को मिली। इस रिपोर्ट को 24 फरवरी 2025 को प्रकाशित किया गया था। इस रिपोर्ट में हमें वायरल हो रहे वीडियो के जैसी कुछ तस्वीरें देखने को मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था “सिंधु नदी पर छह नई नहरों के निर्माण के खिलाफ बार-बार मुखर रूप से असहमति जताए जाने के साथ ही सिंध की राष्ट्रवादी पार्टियों ने प्रांत के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए और राजमार्गों को अवरुद्ध किया। इस बीच, जेय सिंध महाज ने रविवार को शहीद बेनजीराबाद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया, जिसमें वकील आमिर अली उमरानी की सुरक्षित बरामदगी की मांग की गई, जिन्हें कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया गया है” 

24 फरवरी को द प्रिंट ने भी इस खबर को प्रकाशित किया था। जिसमें बताया गया था “सिंधु नदी पर छह नई नहरों के निर्माण के खिलाफ बार-बार मुखर रूप से असहमति जताए जाने के साथ ही सिंध की राष्ट्रवादी पार्टियों ने प्रांत के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए और राजमार्गों को अवरुद्ध किया।”

 

  हमारी पड़ताल में यह साफ है कि विरोध प्रदर्शन का वीडियो सिंध का ही है, लेकिन इस प्रदर्शन के होने का जो कारण वायरल किया जा रहा है वो गलत है। इस वीडियो को ऐसे समय पर शेयर किया जा रहा है जब सिंध से भी आजादी का आवाजें उठ रही है। 
  पड़ताल का नतीजा 

प्रदर्शन का वीडियो सिंध की आजादी को लेकर नहीं बल्कि सिंधु नदी पर छह नई नहरों के निर्माण के खिलाफ था। यह वीडियो तीन महीने पुराना है।  

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