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Hindi News ›   Fact Check ›   A two-month-old video of Pushpatinath temple is being shared linking it to the recent Nepal protests

Fact Check: दो महीने पुराने पशुपतिनाथ मंदिर के वीडियो को नेपाल में अभी हुए प्रदर्शन से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Thu, 11 Sep 2025 08:45 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 11 Sep 2025 08:45 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जेन जी प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पशुपतिनाथ मंदिर पर हमला किया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

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A two-month-old video of Pushpatinath temple is being shared linking it to the recent Nepal protests
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेपाल में जेन-जी समूह के नेतृत्व में दो दिन चले सरकार विरोधी हिंसक आंदोलन में 34 लोगों की मौत हो गई, जबकि 600 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसी दौरान सोशल मीडिया पर नेपाल से संबंधी कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों एक मंदिर के गेट पर चढ़े नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जेन जी प्रदर्शन के दौरान पशुपतिनाथ मंदिर पर हमला किया गया है। 

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अमर उजाला  ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो नेपाल प्रदर्शन से दो महीने पहले का है।

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क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि नेपाल में प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुशपति मंदिर पर हमला कर दिया है। 

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जीतेंद्र प्रताप सिंह (@jpsin1) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “गुस्सा अगर सरकार से है, तो निशाना पशुपतिनाथ मंदिर क्यों? ये मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज की आस्था और पहचान का प्रतीक है। सरकार के खिलाफ विरोध समझ आता है, लेकिन मंदिर के दरवाजे तोड़ने की कोशिश? असली गुस्सा कहां है? और चोट मंदिर पर क्यों?” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें हमरो जतरा नाम के फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो मिला। यह वीडियो 14 जुलाई 2025 को साझा किया गया है। वीडियो में शेयर कर लिखा है “पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित इस शोभायात्रा के बारे में कौन जानता है? कौन सा उत्सव कब होगा? तुम दरवाजे पर क्यों चढ़े?”

यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो नेपाल हिंसा होने से पहले का है। नेपाल हिंसा सोमवार 8 सितंबर से शुरू हुई थी। जबकि वायरल वीडियो 14 जुलाई 2025 को साझा किया गया है। 

इसके बाद हमें इसी पेज पर एक और पोस्ट मिली। यह पोस्ट 9 सितंबर 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में लिखा है" यह वीडियो आज या अभी का नहीं है, किसी आंदोलन का नहीं, बल्कि मेले का है। यह वीडियो/फोटो हमारे 'पाहा चहरे जात्रा' का है, जो नेवार समुदाय का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इसमें कोई हमला या अप्रिय घटना नहीं हुई है और सभी सुरक्षित हैं। यह वीडियो/फोटो पर्व के दौरान लिया गया एक साधारण दृश्य है। इसलिए, किसी को भी इससे डरने या आतंकित होने की जरूरत नहीं है। मैं आपसे भी अनुरोध करता हूं कि आप भ्रमित न हों और भ्रम न फैलाएं।


आगे की पड़ताल में हमें नेपाल फैक्ट चेक की एक रिपोर्ट मिली। यह नेपाल फैक्ट चेक गैर-सरकारी संगठन के रूप में पंजीकृत एक संस्थान है। इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो को भ्रामक बताया गया है। इसके साथ ही बताया गया है कि वायरल वीडियो करीब दो महीने पुराना है। 

आगे की पड़ताल में हमने सर्च किया कि क्या  हाल ही में हुए नेपाल हिंसा में पशुपतिनाथ मंदिर पर हमला हुआ है। इस दौरान हमें फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 10 सितंबर 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नेपाल के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक पशुपतिनाथ मंदिर को दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया गया है। यह फैसला नेपाल में बढ़ते हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण बुधवार लिया गया है। इसके साथ ही मंदिर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शांति बनाए रखने के लिए नेपाली सेना को तैनात किया गया है।

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो दो महीने पुराना है, जिसे नेपाल हिंसा से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। 

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